अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَأَقْبَلَ – वे एक-दूसरे की ओर मुड़े / रुख किया
- بَعْضُهُمْ عَلَىٰ بَعْضٍ – उनमें से एक दूसरे की ओर
- يَتَسَاءَلُونَ – वे आपस में प्रश्न-उत्तर कर रहे हैं
तफ़सीर:
यह आयत उस महान सुखद दृश्य का वर्णन कर रही है जो जन्नत के निवासियों के सामने होगा। जब अल्लाह तआला अपने नेक बंदों को जन्नत में दाखिल करेगा और वे उस अनंत नेमतों और आराम से भरी ज़िंदगी का आनंद ले रहे होंगे, तो वे एक-दूसरे की ओर मुड़कर आपस में बातचीत करेंगे और पूछताछ करेंगे।
यह प्रश्न-उत्तर केवल जिज्ञासा नहीं होगा, बल्कि यह उनके बीच प्रेम, भाईचारे और खुशी की झलक होगा। वे एक-दूसरे से पूछेंगे कि उन्होंने दुनिया में क्या किया, किन कठिनाइयों का सामना किया, और किस तरह अल्लाह की रहमत ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया। यह पूछताछ उनके लिए और अधिक खुशी और संतोष का कारण बनेगी, क्योंकि वे देखेंगे कि दुनिया की हर तकलीफ़ और हर कुर्बानी इस शानदार इनाम के सामने बहुत छोटी थी।
यह दृश्य हमें सिखाता है कि जन्नत में भी आपसी मेल-जोल, प्रेम और सवाल-जवाब होंगे, जो उस जीवन की पूर्णता और आनंद को बढ़ाएँगे। यह उन लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है जो अल्लाह की राह में भाईचारे और मुहब्बत के साथ जीते हैं।
दावती पहलू:
यह आयत हमें उस सुंदर जीवन की याद दिलाती है जो अल्लाह ने अपने नेक बंदों के लिए तैयार किया है। जन्नत केवल खाने-पीने और आराम की जगह नहीं है, बल्कि वहाँ दिलों की खुशी, आपसी प्रेम और अल्लाह की रज़ा की प्राप्ति होगी। जो लोग दुनिया में अल्लाह की इबादत करते हैं और उसकी राह में एक-दूसरे से प्रेम रखते हैं, उनके लिए यह आयत एक प्रेरणा है कि वे अपने अच्छे कर्मों को जारी रखें और अल्लाह की रहमत की उम्मीद रखें। यह हमें बताती है कि दुनिया की मुश्किलें और परेशानियाँ अस्थायी हैं, और असली सुख उस दिन मिलेगा जब हम जन्नत में एक-दूसरे के साथ खुशियों भरी बातचीत करेंगे।
📜 आयत 48-52 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 50
सूरा अस-साफ्फात आयत 50 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : गोया वह अन्डे हैं जो छिपाए हुए रखे होसूरा आयत 50/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 48–52. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








