अस-साफ्फात · 50/182
अनुवाद उच्चारण — अस-साफ्फात
فَأَقْبَلَ بَعْضُهُمْ عَلَىٰ بَعْضٍ يَتَسَاءَلُونَ ۝٥٠
Fa aqbala ba`duhum `alaa badiny yatasaaa `aloon
📖 हिंदी अर्थ
गोया वह अन्डे हैं जो छिपाए हुए रखे हो
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • فَأَقْبَلَ – वे एक-दूसरे की ओर मुड़े / रुख किया
  • بَعْضُهُمْ عَلَىٰ بَعْضٍ – उनमें से एक दूसरे की ओर
  • يَتَسَاءَلُونَ – वे आपस में प्रश्न-उत्तर कर रहे हैं

तफ़सीर:

यह आयत उस महान सुखद दृश्य का वर्णन कर रही है जो जन्नत के निवासियों के सामने होगा। जब अल्लाह तआला अपने नेक बंदों को जन्नत में दाखिल करेगा और वे उस अनंत नेमतों और आराम से भरी ज़िंदगी का आनंद ले रहे होंगे, तो वे एक-दूसरे की ओर मुड़कर आपस में बातचीत करेंगे और पूछताछ करेंगे।

यह प्रश्न-उत्तर केवल जिज्ञासा नहीं होगा, बल्कि यह उनके बीच प्रेम, भाईचारे और खुशी की झलक होगा। वे एक-दूसरे से पूछेंगे कि उन्होंने दुनिया में क्या किया, किन कठिनाइयों का सामना किया, और किस तरह अल्लाह की रहमत ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया। यह पूछताछ उनके लिए और अधिक खुशी और संतोष का कारण बनेगी, क्योंकि वे देखेंगे कि दुनिया की हर तकलीफ़ और हर कुर्बानी इस शानदार इनाम के सामने बहुत छोटी थी।

यह दृश्य हमें सिखाता है कि जन्नत में भी आपसी मेल-जोल, प्रेम और सवाल-जवाब होंगे, जो उस जीवन की पूर्णता और आनंद को बढ़ाएँगे। यह उन लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है जो अल्लाह की राह में भाईचारे और मुहब्बत के साथ जीते हैं।

दावती पहलू:

यह आयत हमें उस सुंदर जीवन की याद दिलाती है जो अल्लाह ने अपने नेक बंदों के लिए तैयार किया है। जन्नत केवल खाने-पीने और आराम की जगह नहीं है, बल्कि वहाँ दिलों की खुशी, आपसी प्रेम और अल्लाह की रज़ा की प्राप्ति होगी। जो लोग दुनिया में अल्लाह की इबादत करते हैं और उसकी राह में एक-दूसरे से प्रेम रखते हैं, उनके लिए यह आयत एक प्रेरणा है कि वे अपने अच्छे कर्मों को जारी रखें और अल्लाह की रहमत की उम्मीद रखें। यह हमें बताती है कि दुनिया की मुश्किलें और परेशानियाँ अस्थायी हैं, और असली सुख उस दिन मिलेगा जब हम जन्नत में एक-दूसरे के साथ खुशियों भरी बातचीत करेंगे।

🎧 सुनें

📜 आयत 48-52 — अस-साफ्फात

48وَعِندَهُمْ قَاصِرَاتُ الطَّرْفِ عِينٌ
और उनके पहलू में (शर्म से) नीची निगाहें करने वाली बड़ी बड़ी ऑंखों वाली परियाँ होगी
49كَأَنَّهُنَّ بَيْضٌ مَّكْنُونٌ
(उनकी) गोरी-गोरी रंगतों में हल्की सी सुर्ख़ी ऐसी झलकती होगी
50فَأَقْبَلَ بَعْضُهُمْ عَلَىٰ بَعْضٍ يَتَسَاءَلُونَ
गोया वह अन्डे हैं जो छिपाए हुए रखे हो
51قَالَ قَائِلٌ مِّنْهُمْ إِنِّي كَانَ لِي قَرِينٌ
फिर एक दूसरे की तरफ मुतावज्जे पाकर बाहम बातचीत करते करते उनमें से एक कहने वाला बोल उठेगा कि (दुनिया में) मेरा एक दोस्त था
52يَقُولُ أَإِنَّكَ لَمِنَ الْمُصَدِّقِينَ
और (मुझसे) कहा करता था कि क्या तुम भी क़यामत की तसदीक़ करने वालों में हो
अस-साफ्फातकुरान सूची
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50आयत

अनुवाद — अस-साफ्फात 50

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Tuesday, August 18, 2026

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