Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بَاطِلًا (बातिलन): व्यर्थ, बिना किसी उद्देश्य के, खेल-तमाशे के रूप में।
- ظَنُّ (ज़न्नु): गुमान, धारणा, विचार।
- وَيْلٌ (वैलुन): विनाश, बड़ी आफत, अफसोस और पछतावा।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने इस आयत में अपनी कुदरत की महान निशानियों की ओर इशारा करते हुए फरमाया कि हमने आसमान, ज़मीन और इन दोनों के बीच की सारी चीज़ों को बेकार और व्यर्थ नहीं बनाया। यह पूरी कायनात एक गहरे हिकमत (बुद्धिमत्ता) और मक़सद के साथ पैदा की गई है। हर चीज़ अपनी जगह पर एक खास निज़ाम के तहत काम कर रही है, और यह सब कुछ अल्लाह की तौहीद, उसकी कुदरत और उसके इल्म की गवाही दे रहा है।
यह सृष्टि कोई खेल-तमाशा नहीं है, बल्कि इसका एक बड़ा मक़सद है — अल्लाह की इबादत, उसका हुक्म मानना और उसकी राह पर चलना। यह दुनिया एक इम्तिहान की जगह है, और इसके बाद एक और ज़िंदगी आने वाली है जहाँ हर अच्छे और बुरे काम का हिसाब होगा। जो लोग यह समझते हैं कि यह सब कुछ यूँ ही बन गया और कोई हिसाब-किताब नहीं होगा, वह अल्लाह के बारे में बुरा गुमान रखते हैं। यही गुमान काफिरों का है, जिन्होंने आख़िरत, जन्नत और जहन्नम को नकार दिया।
अल्लाह तआला फरमाता है कि ऐसे लोगों के लिए जो इस बात को नहीं मानते कि यह कायनात एक हिकमत के साथ बनाई गई है और जो मरने के बाद दोबारा उठाए जाने और हिसाब को झुठलाते हैं, उनके लिए जहन्नम की आग से बड़ी तबाही और विनाश है। वह आग उनका ठिकाना होगी, क्योंकि उन्होंने अल्लाह के साथ कुफ्र किया और उसकी निशानियों को नकारा।
यह आयत हमें सिखाती है कि इस दुनिया की हर चीज़ बेकार नहीं है, बल्कि हर चीज़ में अल्लाह की हिकमत छिपी है। जो लोग इस सच्चाई को समझते हैं, वह अल्लाह के करीब होते हैं और उसकी इबादत में मशगूल रहते हैं। और जो लोग इस सच्चाई से आँखें बंद कर लेते हैं, उनका अंजाम बहुत बुरा होगा। अल्लाह तआला हम सबको सीधी राह पर चलने की तौफीक़ दे और हमें उन लोगों में से न बनाए जो उसकी निशानियों से ग़ाफिल हैं। आमीन।
📜 आयत 25-29 — सूरा साद
अनुवाद — साद 27
सूरा साद आयत 27 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने आसमान और ज़मीन और जो चीज़ें उन दोनों…सूरा आयत 27/88 — सूरा साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा साद सुनें, सूरा साद अनुवाद, सूरा साद mp3, सूरा साद pdf. आयत 25–29. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा साद
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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