अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ذِكْرٌ (ज़िक्र): याद दिलाने वाला, सम्मान और प्रशंसा का स्रोत।
- لِلْمُتَّقِينَ (लिल-मुत्तक़ीन): उन लोगों के लिए जो अल्लाह से डरते हैं और उसकी आज्ञाओं का पालन करते हैं।
- لَحُسْنَ مَآبٍ (ल-हुस्ना मआब): निश्चित रूप से बहुत अच्छा ठिकाना और सुंदर वापसी का स्थान।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत मुक़द्दस क़ुरआन की महानता और उसके अनुयायियों के लिए शुभ समाचार को बयान करती है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यह क़ुरआन, जो तुम्हें सुनाया जा रहा है, एक ज़िक्र है — यानी यह सम्मान, शान और प्रशंसा का स्रोत है। यह न केवल पिछले नबियों की सच्ची कहानियों और उनके सुंदर गुणों की याद दिलाता है, बल्कि इस उम्मत के लिए भी एक गौरव है। जो कोई इस क़ुरआन को थाम लेता है, वह दुनिया में इज़्ज़त पाता है और आख़िरत में नजात।
फिर अल्लाह तआला फ़रमाता है: "और निश्चित रूप से मुत्तक़ियों (परहेज़गारों) के लिए बहुत अच्छा ठिकाना है।" यानी जो लोग अल्लाह के हुक्मों का पालन करते हैं, उसकी मनाही से बचते हैं, और अपने जीवन को तक़वा (परहेज़गारी) की रोशनी में ढालते हैं, उनके लिए आख़िरत में सबसे सुंदर और स्थायी निवास तैयार है। वहाँ उनके लिए ऐसी नेमतें हैं जिनका वर्णन करना मुश्किल है — हमेशा रहने वाले बाग़, जिनके दरवाज़े उनके लिए खोल दिए जाएँगे, आरामदायक तख़्त (अराइक) जिन पर वे टेक लगाएँगे, और हर तरह के फल और पेय जो उनकी आँखों को ठंडक देंगे और उनके दिलों को खुशी से भर देंगे। उनकी हर ख्वाहिश पूरी होगी, और वे ऐसी नेमतों में डूबे रहेंगे जिनकी कोई कल्पना नहीं कर सकता।
यह आयत हमें बताती है कि इस दुनिया की ज़िंदगी चाहे जितनी भी आरामदायक लगे, यह फ़ानी (नाशवान) है। असली कामयाबी उसी की है जो अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाए। तक़वा ही वह चाबी है जो जन्नत के दरवाज़े खोलती है। और यह क़ुरआन ही वह रहनुमा है जो हमें उस रास्ते पर चलाता है। जो शख्स इस क़ुरआन को पढ़ता है, समझता है और उस पर अमल करता है, वह दुनिया में भी इज़्ज़त पाता है और आख़िरत में भी कामयाब होता है।
तो आओ, हम सब अपने जीवन को तक़वा की रौशनी में ढालें, अल्लाह के हुक्मों का पालन करें, और उस सुंदर ठिकाने की तरफ बढ़ें जो अल्लाह ने अपने नेक बंदों के लिए तैयार किया है। यही असली कामयाबी है, और यही हमारी सबसे बड़ी ख्वाहिश होनी चाहिए।
📜 आयत 47-51 — सूरा साद
अनुवाद — साद 49
सूरा साद आयत 49 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये एक नसीहत है और इसमें शक नहीं कि परहेज़गारों…सूरा आयत 49/88 — सूरा साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा साद सुनें, सूरा साद अनुवाद, सूरा साद mp3, सूरा साद pdf. आयत 47–51. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 8, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








