साद · 48/88
अनुवाद उच्चारण — सूरा साद
وَاذْكُرْ إِسْمَاعِيلَ وَالْيَسَعَ وَذَا الْكِفْلِ ۖ وَكُلٌّ مِّنَ الْأَخْيَارِ ۝٤٨
Wazkur Ismaa`eela wal Yasa`a wa Zal-Kifli wa kullum minal akhyaar
📖 हिंदी अर्थ
और (ऐ रसूल) इस्माईल और अलयसा और जुलकिफ़ल को (भी) याद करो और (ये) सब नेक बन्दों में हैं

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • इस्माईल (إِسْمَاعِيلَ): हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम के बड़े बेटे, जो हज़रत इsmail के नाम से प्रसिद्ध हैं।
  • अल-यसा (الْيَسَعَ): हज़रत अल-यसा अलैहिस्सलाम, जो बनी इस्राईल के नबी थे।
  • ज़ुल-किफ्ल (ذَا الْكِفْلِ): हज़रत ज़ुल-किफ्ल अलैहिस्सलाम, जो अल्लाह के नेक और पसंदीदा बंदों में से थे।
  • अल-अख़्यार (الْأَخْيَارِ): चुने हुए, नेक और पाकीज़ा लोग, जिन्हें अल्लाह ने अपनी ख़ास रहमत के लिए चुन लिया।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ नबी! आप हज़रत इस्माईल अलैहिस्सलाम का ज़िक्र कीजिए, जो हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम के बेटे थे और जिन्होंने अपने पिता के साथ मिलकर काबा की नींव उठाई थी। वे सब्र, क़ुर्बानी और अल्लाह के हुक्म के आगे सर झुकाने की ज़िंदा मिसाल हैं। और हज़रत अल-यसा अलैहिस्सलाम का ज़िक्र कीजिए, जो बनी इस्राईल के नबी थे और अपनी उम्मत को अल्लाह की इबादत और नेकी की तरफ बुलाते रहे। और हज़रत ज़ुल-किफ्ल अलैहिस्सलाम का ज़िक्र कीजिए, जो अपने वादे को पूरा करने और अमानत को निभाने में मशहूर थे। ये सभी अल्लाह के चुने हुए नेक बंदे थे, जिन्हें अल्लाह ने अपनी ख़ास मुहब्बत और रहमत से नवाज़ा था।

ये तमाम नबी और नेक लोग हमारे लिए मशाल-ए-राह हैं। उनकी ज़िंदगी से हमें सबक़ लेना चाहिए कि सब्र, ईमान, वफ़ादारी और अल्लाह के हुक्म की पैरवी ही असली कामयाबी है। अल्लाह ने उन्हें "अख़्यार" (चुने हुए) कहकर उनके मुक़ाम को बुलंद किया, ताकि हम जान लें कि अल्लाह के करीब वही लोग होते हैं जो उसकी राह में जीते हैं और उसी की राह में मरते हैं। आज हमें भी उन्हीं के नक़्शे-क़दम पर चलना चाहिए — नमाज़ की पाबंदी, सच्चाई, अमानतदारी और लोगों के साथ भलाई — ताकि हम भी अल्लाह के नेक बंदों में शामिल हो सकें। याद रखिए, अल्लाह अपने नेक बंदों से मुहब्बत करता है और उन्हें दुनिया और आख़िरत दोनों में इज़्ज़त देता है।



📜 आयत 46-50 — सूरा साद

46إِنَّا أَخْلَصْنَاهُم بِخَالِصَةٍ ذِكْرَى الدَّارِ
हमने उन लोगों को एक ख़ास सिफत आख़ेरत की याद से मुमताज़ किया था
47وَإِنَّهُمْ عِندَنَا لَمِنَ الْمُصْطَفَيْنَ الْأَخْيَارِ
और इसमें शक नहीं कि ये लोग हमारी बारगाह में बरगुज़ीदा और नेक लोगों में हैं
48وَاذْكُرْ إِسْمَاعِيلَ وَالْيَسَعَ وَذَا الْكِفْلِ ۖ وَكُلٌّ مِّنَ الْأَخْيَارِ
और (ऐ रसूल) इस्माईल और अलयसा और जुलकिफ़ल को (भी) याद करो और (ये) सब नेक बन्दों में हैं
49هَٰذَا ذِكْرٌ ۚ وَإِنَّ لِلْمُتَّقِينَ لَحُسْنَ مَآبٍ
ये एक नसीहत है और इसमें शक नहीं कि परहेज़गारों के लिए (आख़ेरत में) यक़ीनी अच्छी आरामगाह है
50جَنَّاتِ عَدْنٍ مُّفَتَّحَةً لَّهُمُ الْأَبْوَابُ
(यानि) हमेशा रहने के (बेहिश्त के) सदाबहार बाग़ात जिनके दरवाज़े उनके लिए (बराबर) खुले होगें
सादकुरान सूची
88आयत
मक्कीअवतरण स्थान
48आयत

अनुवाद — साद 48

सूरा साद आयत 48 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) इस्माईल और अलयसा और जुलकिफ़ल को (भी)…

सूरा आयत 48/88 — सूरा साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा साद सुनें, सूरा साद अनुवाद, सूरा साद mp3, सूरा साद pdf. आयत 46–50. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Thursday, October 1, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए