साद · 88/88
अनुवाद उच्चारण — सूरा साद
وَلَتَعْلَمُنَّ نَبَأَهُ بَعْدَ حِينٍ ۝٨٨
Wa lata`lamunna naba ahoo ba`da heen
📖 हिंदी अर्थ
और कुछ दिनों बाद तुमको इसकी हक़ीकत मालूम हो जाएगी

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • नबअहु (नबअ) — इसका अर्थ है इस क़ुरआन की ख़बर, अर्थात यह जो समाचार और सूचनाएँ देता है।
  • बादे हीन (बाद हीन) — अर्थात कुछ समय के बाद, एक अवधि के पश्चात।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ मक्का के मुशरिकों! तुम्हें यह अवश्य जानना होगा कि यह क़ुरआन जो कुछ भी कहता है, वह सत्य है। इसकी ख़बर और इसकी सच्चाई तुम पर स्पष्ट हो जाएगी, चाहे वह इस दुनिया में हो या आख़िरत में। जब इस्लाम का बोलबाला होगा और लोग फ़ौज दर फ़ौज इस दीन में दाख़िल होंगे, या जब तुम पर अज़ाब आ जाएगा और तुम्हारे सारे सहारे टूट जाएँगे, या फिर जब तुम मौत का सामना करोगे और अपनी आँखों से वह कुछ देख लोगे जो क़ुरआन ने बताया था — तब तुम्हें यक़ीन हो जाएगा कि यह क़ुरआन सच्चा है। यह भी हो सकता है कि यह समय क़यामत का दिन हो, जब हर व्यक्ति को अपने किए का बदला मिलेगा। उस दिन तुम्हें पूरी तरह से इस क़ुरआन की सच्चाई का एहसास होगा, लेकिन वहाँ पहुँचने के बाद ईमान लाना या तौबा करना किसी काम नहीं आएगा।

दावती पहलू:

यह आयत हमें बताती है कि क़ुरआन का हर शब्द सत्य है, और इसकी सच्चाई कभी न कभी ज़रूर प्रकट होगी। अल्लाह ने अपने बंदों पर बड़ी मेहरबानी की है कि उन्हें पहले ही आगाह कर दिया है, ताकि वे दुनिया में ही सही रास्ता अपना लें और आख़िरत की मुसीबत से बच जाएँ। यह एक बड़ा अवसर है कि हम इस दुनिया में ही क़ुरआन की सच्चाई को पहचान लें और अपने जीवन को इसके अनुसार ढाल लें। जो लोग इस नसीहत को गंभीरता से लेंगे, वे दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब होंगे। अल्लाह का वादा सच्चा है, और उसका क़ुरआन सबसे सच्चा मार्गदर्शक है। हमें चाहिए कि हम इस किताब पर अमल करें और अपनी ज़िंदगी को इसकी रोशनी में सँवारें, ताकि जिस दिन यह सच्चाई सामने आए, हम उन लोगों में से हों जो पहले ही ईमान ला चुके थे और सच्चाई को अपना चुके थे।



📜 आयत 86-88 — सूरा साद

86قُلْ مَا أَسْأَلُكُمْ عَلَيْهِ مِنْ أَجْرٍ وَمَا أَنَا مِنَ الْمُتَكَلِّفِينَ
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि मैं तो तुमसे न इस (तबलीग़े रिसालत) की मज़दूरी माँगता हूँ और न मैं (झूठ मूठ) बनावट करने वाला हूँ
87إِنْ هُوَ إِلَّا ذِكْرٌ لِّلْعَالَمِينَ
ये (क़ुरान) तो बस सारे जहाँन के लिए नसीहत है
88وَلَتَعْلَمُنَّ نَبَأَهُ بَعْدَ حِينٍ
और कुछ दिनों बाद तुमको इसकी हक़ीकत मालूम हो जाएगी
सादकुरान सूची
88आयत
मक्कीअवतरण स्थान
88आयत

अनुवाद — साद 88

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पवित्र क़ुरआन


Friday, October 2, 2026

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