साद · 87/88
अनुवाद उच्चारण — सूरा साद
إِنْ هُوَ إِلَّا ذِكْرٌ لِّلْعَالَمِينَ ۝٨٧
In huwa illaa zikrul lil`aalameen
📖 हिंदी अर्थ
ये (क़ुरान) तो बस सारे जहाँन के लिए नसीहत है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • ذِكْرٌ (ज़िक्र): याद दिलाना, नसीहत, सीख और चेतावनी।
  • لِلْعَالَمِينَ (लिल-आलमीन): सारे संसारों के लिए, यानी जिन्न और इंसान सभी मख़लूक़ात के लिए।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत मुक़द्दस क़ुरआन की अज़मत और उसके मक़सद को बयान करती है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यह क़ुरआन कोई आम किताब नहीं, बल्कि यह तो सारे जहानों के लिए एक ज़िक्र और नसीहत है। यानी यह किताब सिर्फ़ किसी एक क़ौम या ज़माने के लिए नहीं, बल्कि पूरी मख़लूक़ात — इंसानों और जिन्नात — के लिए रहनुमाई और चेतावनी का ज़रिया है।

इस क़ुरआन में वो हर चीज़ मौजूद है जो इंसान को उसके दीन और दुनिया की भलाई तक पहुँचाती है। यह एक ऐसा ज़िक्र है जो दिलों को जगाता है, अक़्ल को रौशन करता है और रूह को ताज़गी देता है। जो कोई इसे पढ़े या सुने, उसके लिए यह एक अज़ीम नेमत है, बशर्ते वो इसे समझने और उस पर अमल करने की नीयत रखे।

दावती पहलू:

प्यारे भाइयो और बहनो! यह आयत हमें बताती है कि क़ुरआन सिर्फ़ पढ़ने की किताब नहीं, बल्कि ज़िंदगी का नक्शा है। यह हमारे लिए रहमत और हिदायत है। जो इसे पकड़ लेता है, वह कभी गुमराह नहीं होता। अल्लाह ने यह किताब हमारी भलाई के लिए उतारी है, ताकि हम दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब हों। आओ, हम इस ज़िक्र को अपनी ज़िंदगी में जगह दें, इसे पढ़ें, समझें और उस पर अमल करें। यही हमारी सच्ची कामयाबी का रास्ता है। अल्लाह हम सबको क़ुरआन को समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 85-88 — सूरा साद

85لَأَمْلَأَنَّ جَهَنَّمَ مِنكَ وَمِمَّن تَبِعَكَ مِنْهُمْ أَجْمَعِينَ
कि मैं तुझसे और जो लोग तेरी ताबेदारी करेंगे उन सब से जहन्नुम को ज़रूर भरूँगा
86قُلْ مَا أَسْأَلُكُمْ عَلَيْهِ مِنْ أَجْرٍ وَمَا أَنَا مِنَ الْمُتَكَلِّفِينَ
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि मैं तो तुमसे न इस (तबलीग़े रिसालत) की मज़दूरी माँगता हूँ और न मैं (झूठ मूठ) बनावट करने वाला हूँ
87إِنْ هُوَ إِلَّا ذِكْرٌ لِّلْعَالَمِينَ
ये (क़ुरान) तो बस सारे जहाँन के लिए नसीहत है
88وَلَتَعْلَمُنَّ نَبَأَهُ بَعْدَ حِينٍ
और कुछ दिनों बाद तुमको इसकी हक़ीकत मालूम हो जाएगी
सादकुरान सूची
88आयत
मक्कीअवतरण स्थान
87आयत

अनुवाद — साद 87

सूरा साद आयत 87 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये (क़ुरान) तो बस सारे जहाँन के लिए नसीहत है

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Thursday, October 1, 2026

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