अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ذِكْرٌ (ज़िक्र): याद दिलाना, नसीहत, सीख और चेतावनी।
- لِلْعَالَمِينَ (लिल-आलमीन): सारे संसारों के लिए, यानी जिन्न और इंसान सभी मख़लूक़ात के लिए।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत मुक़द्दस क़ुरआन की अज़मत और उसके मक़सद को बयान करती है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यह क़ुरआन कोई आम किताब नहीं, बल्कि यह तो सारे जहानों के लिए एक ज़िक्र और नसीहत है। यानी यह किताब सिर्फ़ किसी एक क़ौम या ज़माने के लिए नहीं, बल्कि पूरी मख़लूक़ात — इंसानों और जिन्नात — के लिए रहनुमाई और चेतावनी का ज़रिया है।
इस क़ुरआन में वो हर चीज़ मौजूद है जो इंसान को उसके दीन और दुनिया की भलाई तक पहुँचाती है। यह एक ऐसा ज़िक्र है जो दिलों को जगाता है, अक़्ल को रौशन करता है और रूह को ताज़गी देता है। जो कोई इसे पढ़े या सुने, उसके लिए यह एक अज़ीम नेमत है, बशर्ते वो इसे समझने और उस पर अमल करने की नीयत रखे।
दावती पहलू:
प्यारे भाइयो और बहनो! यह आयत हमें बताती है कि क़ुरआन सिर्फ़ पढ़ने की किताब नहीं, बल्कि ज़िंदगी का नक्शा है। यह हमारे लिए रहमत और हिदायत है। जो इसे पकड़ लेता है, वह कभी गुमराह नहीं होता। अल्लाह ने यह किताब हमारी भलाई के लिए उतारी है, ताकि हम दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब हों। आओ, हम इस ज़िक्र को अपनी ज़िंदगी में जगह दें, इसे पढ़ें, समझें और उस पर अमल करें। यही हमारी सच्ची कामयाबी का रास्ता है। अल्लाह हम सबको क़ुरआन को समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 85-88 — साद
अनुवाद — साद 87
सूरा साद आयत 87 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये (क़ुरान) तो बस सारे जहाँन के लिए नसीहत हैसूरा आयत 87/88 — साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: साद सुनें, साद अनुवाद, साद mp3, साद pdf. आयत 85–88. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








