अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُرِيدُ: चाहता है।
- يُخَفِّفَ: हल्का करे, आसान बनाए।
- ضَعِيفًا: कमज़ोर, निर्बल।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने बंदों पर असीम रहमत और मेहरबानी रखता है। वह अपने दीन को हमेशा आसान और सहज बनाता है, और उसने अपनी शरीअत में ऐसे आसान नियम बनाए हैं जो इंसान की ताकत और हैसियत के मुताबिक हैं। वह बंदों पर ऐसा कोई बोझ नहीं डालता जिसे वे उठा न सकें। यह इसलिए है क्योंकि अल्लाह इंसान की फ़ितरत को खूब जानता है—इंसान को कमज़ोर पैदा किया गया है। यह कमज़ोरी शारीरिक भी है और नैतिक भी: उसका बदन थकान और मुश्किलों को बर्दाश्त नहीं कर सकता, और उसका नफ्स शहवतों और ख्वाहिशों के आगे जल्दी झुक जाता है। इसी कमज़ोरी के मद्देनज़र अल्लाह ने अपने अहकाम में नरमी रखी है। मसलन, निकाह के मामले में जब आज़ाद औरत से निकाह की ताक़त न हो, तो दीनदार लौंडी से निकाह की इजाज़त दी गई, ताकि इंसान गुनाह में न पड़े। इसी तरह रोज़े, नमाज़ और दूसरे फ़राइज़ में भी बीमारी, सफर और मजबूरी की हालत में छूट दी गई है। यह सब अल्लाह की रहमत का तकाज़ा है कि वह अपने बंदों से आसानी का बर्ताव करे, सख्ती का नहीं।
फ़ायदे (सबक):
- इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि इस्लाम आसानी और नरमी का दीन है। अल्लाह ने किसी भी बंदे पर वह बोझ नहीं डाला जो उसकी ताकत से बाहर हो। इसलिए हमें दीन को सख्ती और मुश्किल से नहीं देखना चाहिए, बल्कि उसकी आसानियों को अपनाना चाहिए।
- इंसान की कमज़ोरी का एहसास हमें अल्लाह के सामने अक्सर झुकना और उससे मदद मांगना सिखाता है। जब हम जानते हैं कि हम कमज़ोर हैं, तो हमें अपनी ताकत पर नाज़ नहीं करना चाहिए, बल्कि अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए।
- अल्लाह की रहमत की कोई हद नहीं है। वह नहीं चाहता कि उसके बंदे दीन में मुश्किल में पड़ें। यह बात हमारे दिलों में अल्लाह की मुहब्बत पैदा करती है और हमें उसकी इबादत की तरफ रागिब करती है।
- हमें अपनी कमज़ोरियों का इलाज शरीअत के आसान रास्तों से करना चाहिए, न कि गुनाह और हराम की तरफ भागना चाहिए। अल्लाह ने हर मुश्किल में हलाल का रास्ता निकाल दिया है।
📜 आयत 26-30 — अन-निसा
अनुवाद — अन-निसा 28
सूरा अन-निसा आयत 28 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : करे और जो लोग नफ़सियानी ख्वाहिश के पीछे पडे हैं…सूरा आयत 28/176 — अन-निसा النساء (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-निसा सुनें, अन-निसा अनुवाद, अन-निसा mp3, अन-निसा pdf. आयत 26–30. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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