Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَأَعْرِضْ عَنْهُمْ: उनसे मुँह मोड़ लो, उन्हें उनके हाल पर छोड़ दो।
- وَعِظْهُمْ: उन्हें नसीहत दो, उन्हें समझाओ।
- قَوْلًا بَلِيغًا: ऐसी प्रभावशाली और दिल में उतरने वाली बात जो उनके दिलों पर गहरा असर डाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
ये वे लोग हैं जिनके दिलों में निफ़ाक़ (मुनाफ़िक़ी) और बुरे इरादे छिपे हैं, और अल्लाह उनके दिलों की हर बात को भली-भाँति जानता है। उनकी ज़ाहिरी बातें चाहे कितनी भी अच्छी क्यों न हों, अल्लाह उनके असली हाल से पूरी तरह वाक़िफ़ है।
अल्लाह अपने नबी ﷺ को हिदायत देता है कि इन मुनाफ़िक़ों से मुँह मोड़ लो, यानी उन्हें सज़ा देने या उनसे बदला लेने की ज़रूरत नहीं, क्योंकि उनका हिसाब अल्लाह के ज़िम्मे है। लेकिन साथ ही उन्हें नसीहत भी करते रहो और उन्हें उनकी बुरी हालत से डराओ। उनसे अकेले में या उनकी निजी महफ़िल में ऐसी बात कहो जो उनके दिलों में उतर जाए, जो बहुत प्रभावशाली हो और उन्हें झकझोर दे — जैसे अल्लाह के अज़ाब से डराना और उसकी पकड़ से सावधान करना। इस तरह की बात उनके दिलों पर गहरा असर डाल सकती है और उन्हें तौबा की तरफ ले जा सकती है।
फ़ायदे (सबक़):
- अल्लाह हर दिल का हाल जानता है, चाहे इंसान कितना भी अच्छा दिखावा करे। यह हमें सिखाता है कि हमें अपने दिलों को साफ़ रखना चाहिए, क्योंकि अल्लाह से कुछ छिपा नहीं है।
- मुनाफ़िक़ों और बुरे लोगों से निपटने का तरीक़ा यह है कि उनसे बदला न लिया जाए, बल्कि उन्हें नसीहत की जाए और उनके भले की दुआ की जाए। यह इस्लाम की रहमत और हिकमत को दिखाता है।
- नसीहत और दावत में नरमी और हिकमत की तालीम है — कभी अकेले में समझाना ज़्यादा असरदार होता है, और बात ऐसी होनी चाहिए जो दिल को छू जाए।
- यह आयत हमें सिखाती है कि दूसरों की गलतियों पर सब्र करना और उन्हें अल्लाह के हवाले कर देना भी एक बड़ी नेकी है, और साथ ही उनकी भलाई के लिए कोशिश करते रहना चाहिए।
📜 आयत 61-65 — सूरा अन-निसा
अनुवाद — अन-निसा 63
सूरा अन-निसा आयत 63 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : पस तुम उनसे दरगुज़र करो और उनको नसीहत करो और…सूरा आयत 63/176 — सूरा अन-निसा النساء (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-निसा सुनें, सूरा अन-निसा अनुवाद, सूरा अन-निसा mp3, सूरा अन-निसा pdf. आयत 61–65. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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