ग़ाफिर · 11/85
अनुवाद उच्चारण — ग़ाफिर
قَالُوا رَبَّنَا أَمَتَّنَا اثْنَتَيْنِ وَأَحْيَيْتَنَا اثْنَتَيْنِ فَاعْتَرَفْنَا بِذُنُوبِنَا فَهَلْ إِلَىٰ خُرُوجٍ مِّن سَبِيلٍ ۝١١
Qaaloo Rabbanaaa amat tanasnataini wa ahyaitanas nataini fa`tarafnaa bizunoo binaa fahal ilaa khuroojim min sabeel
📖 हिंदी अर्थ
वह लोग कहेंगे कि ऐ हमारे परवरदिगार तू हमको दो बार मार चुका और दो बार ज़िन्दा कर चुका तो अब हम अपने गुनाहों का एक़रार करते हैं तो क्या (यहाँ से) निकलने की भी कोई सबील है
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • أَمَتَّنَا اثْنَتَيْنِ: तुमने हमें दो बार मृत्यु दी।
  • وَأَحْيَيْتَنَا اثْنَتَيْنِ: और तुमने हमें दो बार जीवन दिया।
  • فَاعْتَرَفْنَا بِذُنُوبِنَا: तो हमने अपने गुनाहों का इक़रार किया।
  • فَهَلْ إِلَىٰ خُرُوجٍ مِّن سَبِيلٍ: तो क्या (अब) निकलने की कोई राह है?

तफ़सीर:

जब काफ़िर लोग आख़िरत में अपनी आँखों से वो कुछ देख लेंगे जो उन्होंने दुनिया में झुठलाया था, तो वे पछतावे और शर्मिंदगी की हालत में कहेंगे: "ऐ हमारे रब! तूने हमें दो बार मौत दी और दो बार ज़िंदगी दी। पहली मौत इससे पहले थी कि हम दुनिया में आए — जब हम माँ के पेट में नुत्फ़ा (बूँद) थे और हममें जान नहीं थी। फिर तूने हमें ज़िंदगी दी जब हम दुनिया में पैदा हुए। फिर हमें मौत दी जब हमारी आज्ञा (उम्र) पूरी हुई। और अब तूने हमें दोबारा ज़िंदा किया है जब हम क़ब्रों से उठाए गए हैं। अब हम अपने गुनाहों का इक़रार करते हैं — हमने तेरे हुक्मों की नाफ़रमानी की, तेरे रसूलों को झुठलाया और आख़िरत पर ईमान नहीं लाए। तो ऐ रब! क्या अब इस आग से निकलने की कोई राह है? क्या हमें दोबारा दुनिया में भेजा जा सकता है ताकि हम अच्छे काम करें और तेरी इबादत करें?"

लेकिन यह इक़रार और यह पछतावा उस वक़्त बेकार है जब वक़्त गुज़र चुका हो। यह मौका उन्होंने दुनिया में खो दिया था। अल्लाह तआला ने उन्हें मौत से पहले तौबा करने का मौका दिया था, लेकिन उन्होंने इनकार किया। आज जब वे आज़ाब देख रहे हैं, तो उनका यह इक़रार उन्हें कोई फ़ायदा नहीं देगा। यह सिर्फ़ उनके ख़िलाफ़ गवाही बनेगा।

दावती पहलू:

यह आयत हमें बहुत बड़ी नसीहत देती है — कि आज हम जिस दुनिया में हैं, यही हमारा मौका है। यहाँ हमसे ग़लतियाँ होती हैं, लेकिन अल्लाह का दरवाज़ा तौबा के लिए खुला है। वह रहीम और ग़फ़ूर है। जब तक साँस चल रही है, तौबा की गुंजाइश है। लेकिन जब मौत आ जाएगी और आख़िरत का पर्दा खुल जाएगा, तब पछतावा करने से कुछ हासिल नहीं होगा। इसलिए आज ही अपने रब की तरफ़ लौट आएँ, अपने गुनाहों से तौबा करें, और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ ढालें। यही कामयाबी की राह है — जो आज चुनी जाए, कल नहीं।

🎧 सुनें

📜 आयत 9-13 — ग़ाफिर

9وَقِهِمُ السَّيِّئَاتِ ۚ وَمَن تَقِ السَّيِّئَاتِ يَوْمَئِذٍ فَقَدْ رَحِمْتَهُ ۚ وَذَٰلِكَ هُوَ الْفَوْزُ الْعَظِيمُ
और उनको हर किस्म की बुराइयों से महफूज़ रख और जिसको तूने उस दिन ( कयामत ) के अज़ाबों से बचा लिया उस पर तूने बड़ा रहम किया और यही तो बड़ी कामयाबी है
10إِنَّ الَّذِينَ كَفَرُوا يُنَادَوْنَ لَمَقْتُ اللَّهِ أَكْبَرُ مِن مَّقْتِكُمْ أَنفُسَكُمْ إِذْ تُدْعَوْنَ إِلَى الْإِيمَانِ فَتَكْفُرُونَ
(हाँ) जिन लोगों ने कुफ्र एख्तेयार किया उनसे पुकार कर कह दिया जाएगा कि जितना तुम (आज) अपनी जान से बेज़ार हो उससे बढ़कर ख़ुदा तुमसे बेज़ार था जब तुम ईमान की तरफ बुलाए जाते थे तो कुफ्र करते थे
11قَالُوا رَبَّنَا أَمَتَّنَا اثْنَتَيْنِ وَأَحْيَيْتَنَا اثْنَتَيْنِ فَاعْتَرَفْنَا بِذُنُوبِنَا فَهَلْ إِلَىٰ خُرُوجٍ مِّن سَبِيلٍ
वह लोग कहेंगे कि ऐ हमारे परवरदिगार तू हमको दो बार मार चुका और दो बार ज़िन्दा कर चुका तो अब हम अपने गुनाहों का एक़रार करते हैं तो क्या (यहाँ से) निकलने की भी कोई सबील है
12ذَٰلِكُم بِأَنَّهُ إِذَا دُعِيَ اللَّهُ وَحْدَهُ كَفَرْتُمْ ۖ وَإِن يُشْرَكْ بِهِ تُؤْمِنُوا ۚ فَالْحُكْمُ لِلَّهِ الْعَلِيِّ الْكَبِيرِ
ये इसलिए कि जब तन्हा ख़ुदा पुकारा जाता था तो तुम ईन्कार करते थे और अगर उसके साथ शिर्क किया जाता था तो तुम मान लेते थे तो (आज) ख़ुदा की हुकूमत है जो आलीशान (और) बुर्ज़ुग है
13هُوَ الَّذِي يُرِيكُمْ آيَاتِهِ وَيُنَزِّلُ لَكُم مِّنَ السَّمَاءِ رِزْقًا ۚ وَمَا يَتَذَكَّرُ إِلَّا مَن يُنِيبُ
वही तो है जो तुमको (अपनी कुदरत की) निशानियाँ दिखाता है और तुम्हारे लिए आसमान से रोज़ी नाज़िल करता है और नसीहत तो बस वही हासिल करता है जो (उसकी तरफ) रूज़ू करता है
ग़ाफिरकुरान सूची
85आयत
मक्कीRevelation
11आयत

अनुवाद — ग़ाफिर 11

सूरा ग़ाफिर आयत 11 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह लोग कहेंगे कि ऐ हमारे परवरदिगार तू हमको दो…

सूरा आयत 11/85 — ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ग़ाफिर सुनें, ग़ाफिर अनुवाद, ग़ाफिर mp3, ग़ाफिर pdf. आयत 9–13. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए