अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بِالْبَيِّنَاتِ: स्पष्ट प्रमाण, चमत्कार और वे सबूत जो रसूलों की सच्चाई को सिद्ध करते हैं।
- فَكَفَرُوا: उन्होंने इनकार किया, अर्थात उन्होंने अल्लाह और उसके रसूलों को नहीं माना।
- فَأَخَذَهُمُ اللَّهُ: अल्लाह ने उन्हें पकड़ लिया, अर्थात उन्हें अपनी पकड़ में लेकर दंड दिया।
- قَوِيٌّ: शक्तिशाली, जिसकी शक्ति से कोई बच नहीं सकता।
- شَدِيدُ الْعِقَابِ: सख्त सज़ा देने वाला, जिसका दंड अत्यंत भयंकर है।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन पिछली उम्मतों के अंजाम की ओर इशारा करती है जिन्होंने अल्लाह के रसूलों को झुठलाया और उनके स्पष्ट प्रमाणों को नकार दिया। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यह अज़ाब जो उन पर आया, वह किसी ज़ुल्म या बिना वजह नहीं था, बल्कि इसलिए था कि उनके पास उनके रसूल स्पष्ट निशानियों और चमत्कारों के साथ आए, जो उनकी सच्चाई की गवाही दे रहे थे। मगर उन्होंने उन्हें झुठलाया और कुफ्र पर डटे रहे। उन्होंने हक़ को नकारा, रसूलों का मज़ाक उड़ाया और अपनी सरकशी में बढ़ते गए। फिर अल्लाह ने उन्हें अपनी पकड़ में ले लिया — चाहे वे कितने भी ताकतवर क्यों न रहे हों, अल्लाह की पकड़ से कोई बच नहीं सका। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि वह क़वी है, यानी उसकी शक्ति के आगे हर ताकत बेबस है, और वह शदीदुल इक़ाब है, यानी उसकी सज़ा बेहद सख्त है। यह सब कुछ कुरैश के काफ़िरों के लिए एक चेतावनी है कि जिस तरह पिछली उम्मतें अपने कुफ्र की वजह से तबाह हुईं, उसी तरह अगर वे भी रसूलुल्लाह ﷺ को झुठलाते रहे तो उनका अंजाम भी वही होगा।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की शक्ति असीम है और उसका दंड बहुत सख्त है। जो लोग हक़ को नकारते हैं और रसूलों के पैग़ाम को ठुकराते हैं, वे अल्लाह की पकड़ से बच नहीं सकते। इसलिए हमें चाहिए कि हम अल्लाह के भेजे हुए रसूलों पर ईमान लाएँ, उनकी लाई हुई हिदायत को क़बूल करें और अपनी ज़िंदगी को उसी के अनुसार ढालें। यह आयत हमें डराती भी है और सचेत भी करती है कि अल्लाह की पकड़ से बचने का एक ही रास्ता है — ईमान और नेक अमल। अल्लाह रहम करने वाला है, लेकिन जब वह पकड़ता है, तो कोई नहीं बचा सकता। आओ, हम अपने रब की इबादत करें, उसके रसूल ﷺ की सुन्नत पर चलें और उस अज़ाब से बचें जो काफ़िरों के लिए तैयार किया गया है।
📜 आयत 20-24 — ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 22
सूरा ग़ाफिर आयत 22 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये इस सबब से कि उनके पैग़म्बरान उनके पास वाज़ेए…सूरा आयत 22/85 — ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ग़ाफिर सुनें, ग़ाफिर अनुवाद, ग़ाफिर mp3, ग़ाफिर pdf. आयत 20–24. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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