Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَوْمِ الْأَحْزَابِ - उन गिरोहों (समूहों) का दिन, यानी वे दिन जब अतीत की उम्मतों ने मिलकर अपने नबियों के खिलाफ साजिशें रचीं और उनका विरोध किया।
तफसीर (व्याख्या):
जब फिरऔन और उसके दरबारियों ने हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) को क़त्ल करने का इरादा किया, तो उस ईमानदार व्यक्ति ने, जो फिरऔन के खानदान से था लेकिन अपना ईमान छिपाए हुए था, अपनी क़ौम को नसीहत करते हुए कहा: "ऐ मेरी क़ौम! मैं तुम्हारे लिए डरता हूँ कि अगर तुमने मूसा को नाहक़ क़त्ल कर दिया, तो तुम पर भी वैसा ही अज़ाब आ सकता है जैसा उन गिरोहों पर आया था जो अपने नबियों के खिलाफ इकट्ठे हुए थे।"
यानी उन अगली उम्मतों ने जब अपने पैग़म्बरों का विरोध किया और उन्हें नुक़सान पहुँचाने की कोशिश की, तो अल्लाह ने उन्हें अपनी पकड़ में ले लिया और उन पर ऐसा अज़ाब नाज़िल किया जिसने उन्हें तबाह कर दिया। यह ईमानदार आदमी अपनी क़ौम को आगाह कर रहा था कि तुम भी अगर उसी रास्ते पर चले, तो तुम्हारा अंजाम भी वैसा ही होगा।
यह नसीहत उसने महज़ दुनियावी खौफ़ की बिना पर नहीं दी, बल्कि उसका असली मक़सद यह था कि उन्हें अल्लाह के अज़ाब से डराए और उन्हें सीधे रास्ते पर लाए। वह जानता था कि अल्लाह का अज़ाब बहुत सख्त है और उससे बचने का एक ही रास्ता है - अल्लाह के रसूल पर ईमान लाना और उसकी इताअत करना।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि एक सच्चा मोमिन अपनी क़ौम की भलाई के लिए हमेशा फिक्रमंद रहता है। वह चाहता है कि उसकी क़ौम अल्लाह के अज़ाब से बचे और हिदायत पाए। यह भी सबक है कि नबियों के खिलाफ साजिशें रचने वालों का अंजाम हमेशा बुरा रहा है। अल्लाह अपने नबियों की मदद करता है और उनके दुश्मनों को रुसवा करता है। हमें चाहिए कि हम अपने जीवन में नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की सुन्नत को अपनाएँ और उन रास्तों से बचें जिन पर चलकर अगली उम्मतें तबाह हुईं। अल्लाह की रहमत उन लोगों के लिए है जो उसके दीन की तरफ बुलाते हैं और अपनी क़ौम को अज़ाब से डराते हैं।
📜 आयत 28-32 — सूरा ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 30
सूरा ग़ाफिर आयत 30 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो जो शख्स (दर पर्दा) ईमान ला चुका था कहने…सूरा आयत 30/85 — सूरा ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ग़ाफिर सुनें, सूरा ग़ाफिर अनुवाद, सूरा ग़ाफिर mp3, सूरा ग़ाफिर pdf. आयत 28–32. हिंदी अर्थ: اردو.
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Thursday, October 1, 2026
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