Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- تُؤْفَكُونَ – तुम पलटाए जाते हो, तुम्हें बहकाया जा रहा है (सत्य से असत्य की ओर मोड़ा जा रहा है)।
व्याख्या:
यह वही अल्लाह है जो तुम्हारा रब है, जिसने तुम्हें पैदा किया, तुम्हारा पालन-पोषण किया और तुम्हें अनगिनत नेमतें (आशीर्वाद) प्रदान कीं। वही हर चीज़ का रचयिता है—आकाश, पृथ्वी, सूर्य, चंद्रमा, पानी, हवा, जीवन और मृत्यु—सब कुछ उसी की रचना है। उसके सिवा कोई और सृष्टिकर्ता नहीं, कोई और पालनहार नहीं। और जब वही सब कुछ बनाने वाला है, तो इबादत (पूजा) का हक़दार भी केवल वही है। उसके सिवा कोई सच्चा माबूद नहीं।
फिर तुम कैसे सत्य से भटकाए जाते हो? जब इतने स्पष्ट प्रमाण मौजूद हैं—यह विशाल ब्रह्मांड, यह सुव्यवस्थित प्रकृति, तुम्हारा अपना अस्तित्व—सब कुछ उसी की याद दिलाता है। फिर भी तुम उसे छोड़कर उन चीज़ों की पूजा करते हो जो न तो कुछ पैदा कर सकती हैं, न किसी को लाभ पहुँचा सकती हैं, न हानि। यह कैसी बेवकूफी है?
ऐ इंसान! ज़रा सोच—जिसने तुझे बनाया, तुझे खाना दिया, तुझे साँस दी, तेरी हर ज़रूरत पूरी की—क्या वह तेरी इबादत का हक़दार नहीं? क्या उसके सिवा कोई और है जो तुझे बना सके? यह तो तेरी अपनी फ़ितरत (स्वभाव) के खिलाफ़ है कि तू उस सच्चे ख़ालिक़ को छोड़कर झूठे माबूदों की तरफ़ मुड़ जाए।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की पहचान उसकी रचना में है। जो कोई भी इस किताब-ए-कायनात (ब्रह्मांड की पुस्तक) को पढ़े, वह समझ जाएगा कि इसका लेखक एक ही है। और जब यह बात इतनी साफ़ है, तो अल्लाह की तरफ़ लौटना ही बुद्धिमानी है। उसकी इबादत करो, उसी से मदद माँगो, उसी से डरो और उसी से उम्मीद रखो। यही सच्ची कामयाबी का रास्ता है। अल्लाह तआला हम सबको सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 60-64 — सूरा ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 62
सूरा ग़ाफिर आयत 62 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : यही ख़ुदा तुम्हारा परवरदिगार है जो हर चीज़ का ख़ालिक़…सूरा आयत 62/85 — सूरा ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ग़ाफिर सुनें, सूरा ग़ाफिर अनुवाद, सूरा ग़ाफिर mp3, सूरा ग़ाफिर pdf. आयत 60–64. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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