अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ثُمَّ اسْتَوَىٰ: फिर उसने (अल्लाह ने) इरादा किया, या उसकी ओर रुख किया।
- دُخَانٌ: धुआँ (यानी धुएँ के रूप में गैस या भाप)।
- ائْتِيَا: दोनों आ जाओ (यानी अपने-अपने काम में लग जाओ)।
- طَوْعًا: स्वेच्छा से, खुशी से।
- كَرْهًا: अनिच्छा से, विवश होकर।
- طَائِعِينَ: आज्ञाकारी, पूरी तरह समर्पित।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला अपनी महान शक्ति और कुदरत का वर्णन कर रहे हैं। उन्होंने आसमान और ज़मीन की पैदाइश का ज़िक्र करते हुए बताया कि पहले ज़मीन की तैयारी हुई, फिर अल्लाह ने आसमान की ओर रुख किया, जो उस समय धुआँ (एक गैसीय पदार्थ) था। यह उस वक़्त की स्थिति थी जब आसमान अभी ठोस रूप में नहीं आया था, बल्कि धुएँ जैसा फैला हुआ था।
अल्लाह ने आसमान और ज़मीन दोनों को आदेश दिया: "तुम दोनों मेरे हुक्म के सामने आ जाओ, चाहे खुशी से आओ या मजबूरन।" यह आदेश अल्लाह की इच्छा का प्रतीक है, जिसके आगे सारी मख़लूक़ात (सृष्टि) को झुकना ही है। दोनों ने जवाब दिया: "हम आज्ञाकारी बनकर आए।" यानी उन्होंने पूरी तरह से अल्लाह की इच्छा के सामने समर्पण कर दिया, बिना किसी विरोध के।
यहाँ से हमें यह सबक मिलता है कि पूरी कायनात (ब्रह्मांड) अल्लाह के हुक्म के आगे सर झुकाती है, और हम इंसानों को भी चाहिए कि हम अपने रब के आदेशों को खुशी-खुशी कबूल करें। अल्लाह ने जिस तरह आसमान और ज़मीन को अपनी कुदरत से बनाया और उन्हें अपने काम में लगाया, उसी तरह हमें भी अपनी ज़िंदगी को उसकी रज़ा (इच्छा) के मुताबिक ढालना चाहिए।
यह आयत हमें अल्लाह की अज़मत (महानता) और उसकी ताक़त पर ग़ौर करने की दावत देती है। जब आसमान और ज़मीन जैसी विशाल चीज़ें अल्लाह के हुक्म के आगे झुक जाती हैं, तो हम इंसानों को भी चाहिए कि हम अपने अहंकार को छोड़कर उसकी इबादत करें। यह ईमान की मज़बूती का ज़रिया है कि हम अल्लाह की पैदाइश पर ग़ौर करें और समझें कि वही सब कुछ करने पर क़ादिर (सक्षम) है।
इस आयत से यह भी पता चलता है कि अल्लाह की रचना में कोई बिखराव नहीं, बल्कि हर चीज़ एक निज़ाम (व्यवस्था) के तहत चल रही है। यह हमारे लिए रहमत और हिदायत है कि हम इस निज़ाम को समझें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह के बताए रास्ते पर चलाएँ। जो लोग अल्लाह के हुक्म को मानते हैं, वे असल में सुकून और कामयाबी पाते हैं, क्योंकि अल्लाह की तरफ से आने वाला हर फ़ैसला भलाई ही होता है।
📜 आयत 9-13 — फुस्सिलत
अनुवाद — फुस्सिलत 11
सूरा फुस्सिलत आयत 11 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर आसमान की तरफ मुतावज्जे हुआ और (उस वक्त) धुएँ…सूरा आयत 11/54 — फुस्सिलत فصلت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: फुस्सिलत सुनें, फुस्सिलत अनुवाद, फुस्सिलत mp3, फुस्सिलत pdf. आयत 9–13. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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