अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- मिर्यतिन (مِرْيَةٍ): संदेह, शक।
- लिकाइ रब्बिहिम (لِقَاءِ رَبِّهِمْ): अपने रब से मिलने का (अर्थात क़ियामत के दिन उठाए जाने और हिसाब के लिए प्रस्तुत होने का)।
- मुहीतुन (مُحِيطٌ): घेरने वाला, हर चीज़ को अपने ज्ञान और क़ुदरत से घेरने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में उन लोगों की हालत बयान कर रहा है जो क़ियामत के दिन को नहीं मानते। वे कहते हैं कि हम मरने के बाद दोबारा नहीं उठाए जाएंगे, और इसलिए वे अपने रब से मिलने (यानी हिसाब के लिए उसके सामने खड़े होने) के बारे में गहरे संदेह में पड़े हुए हैं। उनका यह संदेह उन्हें अच्छे कर्म करने से रोकता है, और वे आख़िरत की तैयारी नहीं करते। यह उनकी बड़ी भूल है, क्योंकि वे यह भूल गए कि अल्लाह तआला हर चीज़ को अपने ज्ञान और क़ुदरत से घेरे हुए है। उससे न तो ज़मीन की कोई चीज़ छिपी है और न आसमान की। वह हर छोटे-बड़े काम को जानता है, और उसकी क़ुदरत से कोई चीज़ बाहर नहीं है। यह बात उनके लिए चेतावनी है कि जिस दिन वे उठाए जाएंगे, उनके सारे कर्म उनके सामने रख दिए जाएंगे, और वे उनका पूरा हिसाब देंगे।
दावती पहलू (आमंत्रण का पहलू):
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हम सच में उस दिन पर विश्वास रखते हैं जब हम अपने रब के सामने खड़े होंगे? यदि हाँ, तो हमें अपने जीवन को इस तरह बनाना चाहिए कि उस दिन हम शर्मिंदा न हों। अल्लाह तआला हमारी हर छोटी-बड़ी बात जानता है — हमारी नीयतें, हमारे कर्म, हमारी छिपी हुई बातें भी। यह सोचकर हमें कितना सुकून मिलता है कि हमारा रब हमें कभी अकेला नहीं छोड़ता, वह हमेशा हमारे साथ है और हमारी हर दुआ सुनता है। लेकिन साथ ही यह भी याद रखें कि यही अल्लाह हिसाब लेने वाला भी है। इसलिए आज ही अपने जीवन को सुधारें, अच्छे कर्म करें, और उस दिन की तैयारी करें जब हमें अपने रब से मिलना है। यही सच्ची सफलता है — दुनिया में ईमान के साथ जीना और आख़िरत में उसकी रहमत का हक़दार बनना। अल्लाह हम सबको यह तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 52-54 — फुस्सिलत
अनुवाद — फुस्सिलत 54
सूरा फुस्सिलत आयत 54 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : देखो ये लोग अपने परवरदिगार के रूबरू हाज़िर होने से…सूरा आयत 54/54 — फुस्सिलत فصلت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: फुस्सिलत सुनें, फुस्सिलत अनुवाद, फुस्सिलत mp3, फुस्सिलत pdf. आयत 52–54. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








