अश-शूरा · 4/53
अनुवाद उच्चारण — अश-शूरा
لَهُ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَمَا فِي الْأَرْضِ ۖ وَهُوَ الْعَلِيُّ الْعَظِيمُ ۝٤
Lahoo maa fis samaa waati wa maa fil ardi wa Huwal `Aliyul `Azeem
📖 हिंदी अर्थ
और वह तो (बड़ा) आलीशान (और) बुर्ज़ुग है
📜

अनुवाद — Tafsir

لَهُ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَمَا فِي الْأَرْضِ ۖ وَهُوَ الْعَلِيُّ الْعَظِيمُ

शब्दों के अर्थ:

  • الْعَلِيُّ (अल-अली): अत्यंत ऊंचा, जिसकी शान और क़ुदरत सबसे ऊपर हो।
  • الْعَظِيمُ (अल-अज़ीम): महान, जिसके लिए बड़ाई और किब्रिया (बुज़ुर्गी) हो।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत अल्लाह तआला की पूर्ण मालिकियत और उसकी बेपनाह अज़मत को बयान करती है। आसमानों में जो कुछ भी है—चाहे वह फ़रिश्ते हों, सितारे हों, सूरज-चाँद हों—और ज़मीन में जो कुछ भी है—चाहे वह इंसान हों, जानवर हों, पहाड़ हों या समुद्र—सब कुछ अल्लाह ही की मिल्कियत (स्वामित्व) में है। वही इन सबका ख़ालिक़ (रचयिता), मालिक और मुदब्बिर (प्रबंधक) है। कोई भी चीज़ उसके इख़्तियार से बाहर नहीं है, और हर चीज़ उसी के हुक्म के ताबे है।

अल्लाह तआला الْعَلِيُّ है—यानी वह अपनी ज़ात, अपनी क़ुदरत और अपने क़हर (दबदबे) में सबसे ऊंचा है। उसकी शान हर शान से बुलंद है, और उसके मुक़ाबले में हर चीज़ पस्त और नाचीज़ है। वह الْعَظِيمُ है—यानी उसकी अज़मत और किब्रिया का कोई अंत नहीं। उसकी बुज़ुर्गी के आगे सारी मख़लूक़ात की बुज़ुर्गी बेमानी है। उसका इल्म, उसकी हिकमत, उसकी रहमत और उसका सुल्तान (राज्य) सब कुछ असीम है।

यह आयत हमें यह सिखाती है कि जब सब कुछ अल्लाह का है और वही सबसे ऊंचा और महान है, तो हमें अपना दिल, अपनी उम्मीदें और अपना भरोसा सिर्फ़ उसी पर लगाना चाहिए। किसी और से डरने या किसी और से उम्मीद रखने की ज़रूरत नहीं, क्योंकि असली मालिक और असली ताक़तवर सिर्फ़ वही है। जब हम यह समझ लें कि हर चीज़ उसी के हाथ में है, तो हमारा दिल उसकी इबादत में लग जाता है, और हमें यक़ीन हो जाता है कि उसकी रहमत और मदद ही हमारी कामयाबी की कुंजी है। यही ईमान की मिठास है—यह जानना कि हमारा रब सबसे ऊंचा, सबसे महान और हर चीज़ का मालिक है।

🎧 सुनें

📜 आयत 2-6 — अश-शूरा

2عسق
ऐन सीन काफ़
3كَذَٰلِكَ يُوحِي إِلَيْكَ وَإِلَى الَّذِينَ مِن قَبْلِكَ اللَّهُ الْعَزِيزُ الْحَكِيمُ
(ऐ रसूल) ग़ालिब व दाना ख़ुदा तुम्हारी तरफ़ और जो (पैग़म्बर) तुमसे पहले गुज़रे उनकी तरफ यूँ ही वही भेजता रहता है जो कुछ आसमानों में है और जो कुछ ज़मीन में है ग़रज़ सब कुछ उसी का है
4لَهُ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَمَا فِي الْأَرْضِ ۖ وَهُوَ الْعَلِيُّ الْعَظِيمُ
और वह तो (बड़ा) आलीशान (और) बुर्ज़ुग है
5تَكَادُ السَّمَاوَاتُ يَتَفَطَّرْنَ مِن فَوْقِهِنَّ ۚ وَالْمَلَائِكَةُ يُسَبِّحُونَ بِحَمْدِ رَبِّهِمْ وَيَسْتَغْفِرُونَ لِمَن فِي الْأَرْضِ ۗ أَلَا إِنَّ اللَّهَ هُوَ الْغَفُورُ الرَّحِيمُ
(उनकी बातों से) क़रीब है कि सारे आसमान (उसकी हैबत के मारे) अपने ऊपर वार से फट पड़े और फ़रिश्ते तो अपने परवरदिगार की तारीफ़ के साथ तसबीह करते हैं और जो लोग ज़मीन में हैं उनके लिए (गुनाहों की) माफी माँगा करते हैं सुन रखो कि ख़ुदा ही यक़ीनन बड़ा बख्शने वाला मेहरबान है
6وَالَّذِينَ اتَّخَذُوا مِن دُونِهِ أَوْلِيَاءَ اللَّهُ حَفِيظٌ عَلَيْهِمْ وَمَا أَنتَ عَلَيْهِم بِوَكِيلٍ
और जिन लोगों ने ख़ुदा को छोड़ कर (और) अपने सरपरस्त बना रखे हैं ख़ुदा उनकी निगरानी कर रहा है (ऐ रसूल) तुम उनके निगेहबान नहीं हो
अश-शूराकुरान सूची
53आयत
मक्कीRevelation
4आयत

अनुवाद — अश-शूरा 4

सूरा अश-शूरा आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वह तो (बड़ा) आलीशान (और) बुर्ज़ुग है

सूरा आयत 4/53 — अश-शूरा الشورى (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शूरा सुनें, अश-शूरा अनुवाद, अश-शूरा mp3, अश-शूरा pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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