अज़-ज़ुखरुफ · 71/89
अनुवाद उच्चारण — सूरा अज़-ज़ुखरुफ
يُطَافُ عَلَيْهِم بِصِحَافٍ مِّن ذَهَبٍ وَأَكْوَابٍ ۖ وَفِيهَا مَا تَشْتَهِيهِ الْأَنفُسُ وَتَلَذُّ الْأَعْيُنُ ۖ وَأَنتُمْ فِيهَا خَالِدُونَ ۝٧١
Yutaafu `alaihim bishaa fim min zahabinw wa akwaab, wa feehaa maatashtaheehil anfusu wa talazzul a`yunu wa antum feehaa khaalidoon
📖 हिंदी अर्थ
उन पर सोने की एक रिक़ाबियों और प्यालियों का दौर चलेगा और वहाँ जिस चीज़ को जी चाहे और जिससे ऑंखें लज्ज़त उठाएं (सब मौजूद हैं) और तुम उसमें हमेशा रहोगे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • صِحَافٍ (सिहाफ): बड़ी तश्तरियाँ या थालियाँ, जिनमें खाना परोसा जाता है।
  • أَكْوَابٍ (अक्वाब): कूज़े या प्याले, जिनमें न तो हैंडल होते हैं और न ही टोंटी, ताकि पीने वाला जिधर से चाहे पी सके।
  • تَشْتَهِيهِ (तश्तही): जिसे दिल चाहे, जिसकी लालसा हो।
  • تَلَذُّ (तलज़्ज़ु): आँखों को ठंडक पहुँचाने वाला, देखने में आनंद देने वाला।
  • خَالِدُونَ (ख़ालिदून): हमेशा रहने वाले, कभी न मरने वाले।

तफ़सीर (व्याख्या):

जब मोमिन बंदे जन्नत में दाखिल होंगे और वहाँ के सुख-आराम में मग्न होंगे, तो उनकी खिदमत के लिए जन्नती ख़ादिम (सेवक) सुनहरी तश्तरियों में उत्तम भोजन और सुनहरे कूज़ों में पवित्र पेय पदार्थ लेकर उनके पास चक्कर लगाएँगे। ये बर्तन ऐसे होंगे जिनमें न हैंडल होगा और न टोंटी, ताकि पीने वाला जिधर से चाहे आसानी से पी सके।

और जन्नत में उनके लिए वह सब कुछ होगा जो उनके दिल चाहेंगे — हर वह चीज़ जो मन को लुभाए और आँखों को ठंडक पहुँचाए। ऐसा कोई भी अच्छा पदार्थ, स्वादिष्ट भोजन, सुंदर दृश्य और मनभावन चीज़ नहीं होगी जो वहाँ न हो। आँखें उन दृश्यों को देखकर आनंदित होंगी और दिल हर उस चीज़ से मसरूर होंगे जिसकी वे कामना करेंगे।

सबसे बड़ी ख़ुशख़बरी यह है कि वे उस जन्नत में हमेशा-हमेशा के लिए रहेंगे — न कभी मृत्यु आएगी, न निकाला जाएगा, न वहाँ से हटाया जाएगा। यह अनंत जीवन है जिसका कोई अंत नहीं।


दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):

यह आयत हमें अल्लाह की उस महान दया और उदारता की याद दिलाती है जो उसने अपने नेक बंदों के लिए तैयार की है। जन्नत की ये नेअमतें (आशीर्वाद) केवल भौतिक सुख नहीं हैं, बल्कि यह अल्लाह की रज़ा (प्रसन्नता) का प्रतिफल हैं। जब हम इस आयत को पढ़ते हैं, तो हमारा दिल उस लक्ष्य की ओर खिंचता है जो हर मोमिन का सबसे बड़ा सपना है — अल्लाह की जन्नत।

याद रखिए, ये नेअमतें उन लोगों के लिए हैं जो दुनिया में अल्लाह की इबादत करते हैं, उसके रास्ते पर चलते हैं, और अपने जीवन को उसकी रज़ा के अनुसार ढालते हैं। तो आइए, हम अपने जीवन को इस तरह बनाएँ कि हम उस दिन उन खुशनसीब लोगों में शामिल हों जिनके लिए यह आयत पढ़ी जाएगी। यह दुनिया का जीवन बहुत छोटा है, लेकिन जन्नत का जीवन अनंत है — और वहाँ की एक पल की खुशी इस दुनिया की सारी खुशियों से बेहतर है। अल्लाह हम सभी को जन्नत का हक़ीक़ी मुस्तहिक़ बनाए। आमीन।



📜 आयत 69-73 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ

69الَّذِينَ آمَنُوا بِآيَاتِنَا وَكَانُوا مُسْلِمِينَ
(यह) वह लोग हैं जो हमारी आयतों पर ईमान लाए और (हमारे) फ़रमाबरदार थे
70ادْخُلُوا الْجَنَّةَ أَنتُمْ وَأَزْوَاجُكُمْ تُحْبَرُونَ
तो तुम अपनी बीवियों समैत एजाज़ व इकराम से बेहिश्त में दाखिल हो जाओ
71يُطَافُ عَلَيْهِم بِصِحَافٍ مِّن ذَهَبٍ وَأَكْوَابٍ ۖ وَفِيهَا مَا تَشْتَهِيهِ الْأَنفُسُ وَتَلَذُّ الْأَعْيُنُ ۖ وَأَنتُمْ فِيهَا خَالِدُونَ
उन पर सोने की एक रिक़ाबियों और प्यालियों का दौर चलेगा और वहाँ जिस चीज़ को जी चाहे और जिससे ऑंखें लज्ज़त उठाएं (सब मौजूद हैं) और तुम उसमें हमेशा रहोगे
72وَتِلْكَ الْجَنَّةُ الَّتِي أُورِثْتُمُوهَا بِمَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ
और ये जन्नत जिसके तुम वारिस (हिस्सेदार) कर दिये गये हो तुम्हारी क़ारगुज़ारियों का सिला है
73لَكُمْ فِيهَا فَاكِهَةٌ كَثِيرَةٌ مِّنْهَا تَأْكُلُونَ
वहाँ तुम्हारे वास्ते बहुत से मेवे हैं जिनको तुम खाओगे
अज़-ज़ुखरुफकुरान सूची
89आयत
मक्कीअवतरण स्थान
71आयत

अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 71

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Friday, October 2, 2026

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