अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- और वह जन्नत — यानी वह बाग़ जिसका वर्णन पहले किया गया।
- जिसके तुम वारिस बनाए गए — यानी जो तुम्हें विरासत के रूप में दी गई।
- अपने उन कर्मों के बदले — जो तुम दुनिया में करते रहे।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह वही जन्नत है जिसका वादा अल्लाह ने अपने नेक बंदों से किया था। यह कोई ऐसी चीज़ नहीं है जो बिना किसी कारण के मिल जाए, बल्कि यह अल्लाह का फज़ल (कृपा) और करम है जो उसके उन बंदों को दिया जाता है जिन्होंने दुनिया में नेक काम किए, अच्छे आचरण अपनाए और अल्लाह की राह में भलाई के काम किए।
ध्यान दीजिए कि यहाँ "विरासत" का शब्द इस्तेमाल किया गया है — जैसे कोई धन-दौलत वारिस को मिलती है, उसी तरह जन्नत भी मोमिनों को दी जाती है। लेकिन यह विरासत किसी रिश्तेदारी से नहीं, बल्कि अल्लाह की रहमत और उसकी तरफ़ से मेहरबानी से मिलती है। अल्लाह ने अपने बंदों को तौफ़ीक़ दी कि वे नेक काम करें, फिर अपनी कृपा से उन्हें जन्नत अता कर दी।
यह आयत हमें बताती है कि जन्नत कोई सस्ती चीज़ नहीं है, बल्कि इसके लिए मेहनत, ईमान और अच्छे कर्मों की ज़रूरत है। लेकिन साथ ही यह भी सिखाती है कि असली फज़ल अल्लाह का है — वह चाहे तो अपने बंदे को जन्नत दे, और यह उसकी रहमत है कि उसने नेक कामों को जन्नत का ज़रिया बनाया।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें उम्मीद देती है कि अगर हम दुनिया में अल्लाह की बताई राह पर चलें, उसकी इबादत करें, लोगों के साथ भलाई करें और अपने दिल को पाक रखें, तो अल्लाह हमें भी उसी जन्नत का वारिस बना सकता है। यह अल्लाह का वादा है — और अल्लाह अपने वादे को कभी नहीं तोड़ता।
आइए, हम सब मिलकर अपने कर्मों को सुधारें, अल्लाह की रहमत के भूखे रहें और उस जन्नत के हक़दार बनने की कोशिश करें जो "ऐसी है जो किसी आँख ने नहीं देखी, किसी कान ने नहीं सुनी और किसी दिल ने नहीं सोची।"
📜 आयत 70-74 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 72
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 72 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ये जन्नत जिसके तुम वारिस (हिस्सेदार) कर दिये गये…सूरा आयत 72/89 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ुखरुफ सुनें, सूरा अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, सूरा अज़-ज़ुखरुफ mp3, सूरा अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 70–74. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 8, 2026
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