अज़-ज़ुखरुफ · 72/89
अनुवाद उच्चारण — अज़-ज़ुखरुफ
وَتِلْكَ الْجَنَّةُ الَّتِي أُورِثْتُمُوهَا بِمَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ ۝٧٢
Wa tilkal jannatul lateee ooristumoohaa bimaa kuntum ta`maloon
📖 हिंदी अर्थ
और ये जन्नत जिसके तुम वारिस (हिस्सेदार) कर दिये गये हो तुम्हारी क़ारगुज़ारियों का सिला है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • और वह जन्नत — यानी वह बाग़ जिसका वर्णन पहले किया गया।
  • जिसके तुम वारिस बनाए गए — यानी जो तुम्हें विरासत के रूप में दी गई।
  • अपने उन कर्मों के बदले — जो तुम दुनिया में करते रहे।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह वही जन्नत है जिसका वादा अल्लाह ने अपने नेक बंदों से किया था। यह कोई ऐसी चीज़ नहीं है जो बिना किसी कारण के मिल जाए, बल्कि यह अल्लाह का फज़ल (कृपा) और करम है जो उसके उन बंदों को दिया जाता है जिन्होंने दुनिया में नेक काम किए, अच्छे आचरण अपनाए और अल्लाह की राह में भलाई के काम किए।

ध्यान दीजिए कि यहाँ "विरासत" का शब्द इस्तेमाल किया गया है — जैसे कोई धन-दौलत वारिस को मिलती है, उसी तरह जन्नत भी मोमिनों को दी जाती है। लेकिन यह विरासत किसी रिश्तेदारी से नहीं, बल्कि अल्लाह की रहमत और उसकी तरफ़ से मेहरबानी से मिलती है। अल्लाह ने अपने बंदों को तौफ़ीक़ दी कि वे नेक काम करें, फिर अपनी कृपा से उन्हें जन्नत अता कर दी।

यह आयत हमें बताती है कि जन्नत कोई सस्ती चीज़ नहीं है, बल्कि इसके लिए मेहनत, ईमान और अच्छे कर्मों की ज़रूरत है। लेकिन साथ ही यह भी सिखाती है कि असली फज़ल अल्लाह का है — वह चाहे तो अपने बंदे को जन्नत दे, और यह उसकी रहमत है कि उसने नेक कामों को जन्नत का ज़रिया बनाया।

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें उम्मीद देती है कि अगर हम दुनिया में अल्लाह की बताई राह पर चलें, उसकी इबादत करें, लोगों के साथ भलाई करें और अपने दिल को पाक रखें, तो अल्लाह हमें भी उसी जन्नत का वारिस बना सकता है। यह अल्लाह का वादा है — और अल्लाह अपने वादे को कभी नहीं तोड़ता।

आइए, हम सब मिलकर अपने कर्मों को सुधारें, अल्लाह की रहमत के भूखे रहें और उस जन्नत के हक़दार बनने की कोशिश करें जो "ऐसी है जो किसी आँख ने नहीं देखी, किसी कान ने नहीं सुनी और किसी दिल ने नहीं सोची।"



📜 आयत 70-74 — अज़-ज़ुखरुफ

70ادْخُلُوا الْجَنَّةَ أَنتُمْ وَأَزْوَاجُكُمْ تُحْبَرُونَ
तो तुम अपनी बीवियों समैत एजाज़ व इकराम से बेहिश्त में दाखिल हो जाओ
71يُطَافُ عَلَيْهِم بِصِحَافٍ مِّن ذَهَبٍ وَأَكْوَابٍ ۖ وَفِيهَا مَا تَشْتَهِيهِ الْأَنفُسُ وَتَلَذُّ الْأَعْيُنُ ۖ وَأَنتُمْ فِيهَا خَالِدُونَ
उन पर सोने की एक रिक़ाबियों और प्यालियों का दौर चलेगा और वहाँ जिस चीज़ को जी चाहे और जिससे ऑंखें लज्ज़त उठाएं (सब मौजूद हैं) और तुम उसमें हमेशा रहोगे
72وَتِلْكَ الْجَنَّةُ الَّتِي أُورِثْتُمُوهَا بِمَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ
और ये जन्नत जिसके तुम वारिस (हिस्सेदार) कर दिये गये हो तुम्हारी क़ारगुज़ारियों का सिला है
73لَكُمْ فِيهَا فَاكِهَةٌ كَثِيرَةٌ مِّنْهَا تَأْكُلُونَ
वहाँ तुम्हारे वास्ते बहुत से मेवे हैं जिनको तुम खाओगे
74إِنَّ الْمُجْرِمِينَ فِي عَذَابِ جَهَنَّمَ خَالِدُونَ
(गुनाहगार कुफ्फ़ार) तो यक़ीकन जहन्नुम के अज़ाब में हमेशा रहेगें
अज़-ज़ुखरुफकुरान सूची
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मक्कीRevelation
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अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 72

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Wednesday, August 19, 2026

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