अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَتَنَّا: हमने परीक्षण किया, आज़माया।
- قَوْمَ فِرْعَوْنَ: फ़िरऔन की क़ौम (उसकी प्रजा और उसके साथी)।
- رَسُولٌ كَرِيمٌ: बहुत सम्मानित और प्रतिष्ठित पैग़म्बर (जो अल्लाह की ओर से भेजे गए थे)।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में मक्का के काफ़िरों को चेतावनी दे रहे हैं और उन्हें इतिहास का सबक़ याद दिला रहे हैं। अल्लाह फ़रमाता है कि हमने इन मुशरिकीन (क़ुरैश) से पहले फ़िरऔन की क़ौम को भी परीक्षण में डाला था। उन्हें हमने खूब धन-दौलत, ऐशो-आराम और ताक़त दी थी, ताकि देखें कि वे शुक्र करते हैं या नहीं। लेकिन उन्होंने अल्लाह की नेअमतों का ग़लत इस्तेमाल किया और सरकशी पर उतर आए।
फिर अल्लाह ने उनके पास एक बहुत ही सम्मानित रसूल भेजा — हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) — जो अल्लाह के नज़दीक बुलंद मरतबा रखते थे। वे उन्हें तौहीद (एक अल्लाह की इबादत) की ओर बुलाते थे, उन्हें अल्लाह का पैग़ाम सुनाते थे, और उन्हें अंधेरों से निकालकर रौशनी की ओर लाना चाहते थे। लेकिन फ़िरऔन और उसकी क़ौम ने उन्हें झुठलाया, उनका मज़ाक़ उड़ाया और उनकी दावत को क़बूल नहीं किया। नतीजा यह हुआ कि अल्लाह ने उन्हें समुंद्र में ग़रक़ करके हलाक कर दिया।
यहाँ अल्लाह तआला क़ुरैश के काफ़िरों को समझा रहे हैं कि जिस तरह फ़िरऔन की क़ौम ने अपने रसूल को झुठलाया और अल्लाह के अज़ाब का शिकार हुई, उसी तरह अगर तुम भी अपने रसूल (हज़रत मुहम्मद ﷺ) को झुठलाओगे, तो तुम भी उसी अंजाम से दो-चार होगे। अल्लाह की सुन्नत (क़ानून) कभी नहीं बदलती — जो हक़ को झुठलाता है, वह तबाह हो जाता है।
इस आयत में एक बड़ी नसीहत है कि अल्लाह की नेअमतें इंसान के लिए आज़माइश हैं, न कि सिर्फ़ ऐश-ओ-आराम का ज़रिया। जो इन नेअमतों को पाकर अल्लाह का शुक्र अदा करता है और उसके हुक्मों पर चलता है, वह कामयाब है। और जो सरकशी करता है, उसका अंजाम बुरा होता है।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सिखाती है कि हमें अल्लाह के रसूलों की ताअत करनी चाहिए और उनके पैग़ाम को क़बूल करना चाहिए। अल्लाह का रसूल हमारे लिए रहमत और हिदायत लेकर आया है। जो उसे मान ले, वह दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब है। और जो उसे ठुकराए, उसका अंजाम फ़िरऔन और उसकी क़ौम जैसा होगा। अल्लाह हमें हक़ को क़बूल करने और उस पर साबित-क़दम रहने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 15-19 — अद-दुखान
अनुवाद — अद-दुखान 17
सूरा अद-दुखान आयत 17 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उनसे पहले हमने क़ौमे फिरऔन की आज़माइश की और…सूरा आयत 17/59 — अद-दुखान الدخان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अद-दुखान सुनें, अद-दुखान अनुवाद, अद-दुखान mp3, अद-दुखान pdf. आयत 15–19. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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