अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَدُّوا: सौंप दो, छोड़ दो, मेरे हवाले कर दो।
- عِبَادَ الله: अल्लाह के बंदे (यहाँ संकेत बनी इसराईल की ओर है)।
- رَسُولٌ أَمِين: भरोसेमंद रसूल, जो अल्लाह का संदेश बिना किसी कमी या ज्यादती के पहुँचाता है।
तफ़सीर (व्याख्या):
हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने फ़िरऔन और उसकी क़ौम से कहा: “बनी इसराईल को मेरे हवाले कर दो, उन्हें आज़ाद कर दो और उन्हें मेरे साथ जाने दो। वे अल्लाह के बंदे हैं, उन्हें ग़ुलाम बनाकर रखने का तुम्हें कोई हक़ नहीं। मैं तुम्हारे पास अल्लाह का भेजा हुआ रसूल हूँ, और मैं अपनी रिसालत (पैग़म्बरी) में पूरी तरह भरोसेमंद हूँ। मैं अल्लाह का संदेश जैसा मुझे मिला है, वैसा ही तुम्हें सुनाऊँगा, न उसमें कुछ घटाऊँगा और न बढ़ाऊँगा।”
यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चे पैग़म्बरों का काम सिर्फ़ लोगों को सच्चाई की तरफ़ बुलाना नहीं होता, बल्कि वे ज़ुल्म और ग़ुलामी के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाते हैं और इंसानों को उनके असली मालिक — अल्लाह — की इबादत की तरफ़ लौटाते हैं। हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने बड़ी हिम्मत और साफ़गोई से फ़िरऔन के सामने यह बात रखी, क्योंकि उन्हें यक़ीन था कि अल्लाह ही सबसे बड़ा ताक़तवर है और सच्चाई पर क़ायम रहने वाला कभी अकेला नहीं होता।
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि हमें भी अपने जीवन में सच्चाई और इंसाफ़ पर क़ायम रहना चाहिए, और किसी भी इंसान को ग़ुलाम बनाने या उसके हक़ मारने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। अल्लाह के बंदे सिर्फ़ अल्लाह के हुक्म के ताबेदार होते हैं, किसी इंसान के नहीं। यही पैग़ाम आज भी हमारे लिए रहनुमा है — कि हम अल्लाह की इबादत करें, उसके बताए रास्ते पर चलें, और दूसरों के साथ भलाई और इंसाफ़ का सलूक करें।
📜 आयत 16-20 — अद-दुखान
अनुवाद — अद-दुखान 18
सूरा अद-दुखान आयत 18 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (और कहा) कि ख़ुदा के बन्दों (बनी इसराईल) को मेरे…सूरा आयत 18/59 — अद-दुखान الدخان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अद-दुखान सुनें, अद-दुखान अनुवाद, अद-दुखान mp3, अद-दुखान pdf. आयत 16–20. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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