अद-दुखान · 18/59
अनुवाद उच्चारण — सूरा अद-दुखान
أَنْ أَدُّوا إِلَيَّ عِبَادَ اللَّهِ ۖ إِنِّي لَكُمْ رَسُولٌ أَمِينٌ ۝١٨
An addooo ilaiya `ibaadal laahi innee lakum Rasoolun ameen
📖 हिंदी अर्थ
(और कहा) कि ख़ुदा के बन्दों (बनी इसराईल) को मेरे हवाले कर दो मैं (ख़ुदा की तरफ से) तुम्हारा एक अमानतदार पैग़म्बर हूँ

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • أَدُّوا: सौंप दो, छोड़ दो, मेरे हवाले कर दो।
  • عِبَادَ الله: अल्लाह के बंदे (यहाँ संकेत बनी इसराईल की ओर है)।
  • رَسُولٌ أَمِين: भरोसेमंद रसूल, जो अल्लाह का संदेश बिना किसी कमी या ज्यादती के पहुँचाता है।

तफ़सीर (व्याख्या):

हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने फ़िरऔन और उसकी क़ौम से कहा: “बनी इसराईल को मेरे हवाले कर दो, उन्हें आज़ाद कर दो और उन्हें मेरे साथ जाने दो। वे अल्लाह के बंदे हैं, उन्हें ग़ुलाम बनाकर रखने का तुम्हें कोई हक़ नहीं। मैं तुम्हारे पास अल्लाह का भेजा हुआ रसूल हूँ, और मैं अपनी रिसालत (पैग़म्बरी) में पूरी तरह भरोसेमंद हूँ। मैं अल्लाह का संदेश जैसा मुझे मिला है, वैसा ही तुम्हें सुनाऊँगा, न उसमें कुछ घटाऊँगा और न बढ़ाऊँगा।”

यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चे पैग़म्बरों का काम सिर्फ़ लोगों को सच्चाई की तरफ़ बुलाना नहीं होता, बल्कि वे ज़ुल्म और ग़ुलामी के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाते हैं और इंसानों को उनके असली मालिक — अल्लाह — की इबादत की तरफ़ लौटाते हैं। हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने बड़ी हिम्मत और साफ़गोई से फ़िरऔन के सामने यह बात रखी, क्योंकि उन्हें यक़ीन था कि अल्लाह ही सबसे बड़ा ताक़तवर है और सच्चाई पर क़ायम रहने वाला कभी अकेला नहीं होता।

इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि हमें भी अपने जीवन में सच्चाई और इंसाफ़ पर क़ायम रहना चाहिए, और किसी भी इंसान को ग़ुलाम बनाने या उसके हक़ मारने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। अल्लाह के बंदे सिर्फ़ अल्लाह के हुक्म के ताबेदार होते हैं, किसी इंसान के नहीं। यही पैग़ाम आज भी हमारे लिए रहनुमा है — कि हम अल्लाह की इबादत करें, उसके बताए रास्ते पर चलें, और दूसरों के साथ भलाई और इंसाफ़ का सलूक करें।



📜 आयत 16-20 — सूरा अद-दुखान

16يَوْمَ نَبْطِشُ الْبَطْشَةَ الْكُبْرَىٰ إِنَّا مُنتَقِمُونَ
हम बेशक (उनसे) पूरा बदला तो बस उस दिन लेगें जिस दिन सख्त पकड़ पकड़ेंगे
17۞ وَلَقَدْ فَتَنَّا قَبْلَهُمْ قَوْمَ فِرْعَوْنَ وَجَاءَهُمْ رَسُولٌ كَرِيمٌ
और उनसे पहले हमने क़ौमे फिरऔन की आज़माइश की और उनके पास एक आली क़दर पैग़म्बर (मूसा) आए
18أَنْ أَدُّوا إِلَيَّ عِبَادَ اللَّهِ ۖ إِنِّي لَكُمْ رَسُولٌ أَمِينٌ
(और कहा) कि ख़ुदा के बन्दों (बनी इसराईल) को मेरे हवाले कर दो मैं (ख़ुदा की तरफ से) तुम्हारा एक अमानतदार पैग़म्बर हूँ
19وَأَن لَّا تَعْلُوا عَلَى اللَّهِ ۖ إِنِّي آتِيكُم بِسُلْطَانٍ مُّبِينٍ
और ख़ुदा के सामने सरकशी न करो मैं तुम्हारे पास वाज़ेए व रौशन दलीलें ले कर आया हूँ
20وَإِنِّي عُذْتُ بِرَبِّي وَرَبِّكُمْ أَن تَرْجُمُونِ
और इस बात से कि तुम मुझे संगसार करो मैं अपने और तुम्हारे परवरदिगार (ख़ुदा) की पनाह मांगता हूँ
अद-दुखानकुरान सूची
59आयत
मक्कीअवतरण स्थान
18आयत

अनुवाद — अद-दुखान 18

सूरा अद-दुखान आयत 18 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (और कहा) कि ख़ुदा के बन्दों (बनी इसराईल) को मेरे…

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Friday, October 2, 2026

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