मुहम्मद · 8/38
अनुवाद उच्चारण — मुहम्मद
وَالَّذِينَ كَفَرُوا فَتَعْسًا لَّهُمْ وَأَضَلَّ أَعْمَالَهُمْ ۝٨
Wallazeena kafaroo fata`s al lahum wa adalla a`maalahum
📖 हिंदी अर्थ
और जो लोग काफ़िर हैं उनके लिए तो डगमगाहट है और ख़ुदा (उनके) आमाल बरबाद कर देगा

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • فَتَعْسًا — विनाश, पतन, हानि और बदबख्ती।
  • وَأَضَلَّ أَعْمَالَهُمْ — उनके कर्मों को अकारण (बेकार) कर दिया, यानी उनके अच्छे कर्मों का सवाब (फल) खत्म कर दिया।

तफसीर (व्याख्या):

जिन लोगों ने अल्लाह और उसके रसूल ﷺ का इनकार किया, उनके लिए विनाश और हानि है। अल्लाह ने उनके कर्मों को बेकार कर दिया, यानी उनके किए हुए अच्छे कामों का कोई फल उन्हें नहीं मिलेगा। यह इसलिए कि उन्होंने अल्लाह की उतारी हुई किताब (कुरआन) को नापसंद किया और उसे झुठलाया। उनके कर्म शैतान की आज्ञा में किए गए थे, इसलिए अल्लाह ने उन्हें रद्द कर दिया। यह उनके लिए बड़ी निराशा और घाटे की बात है कि उन्होंने दुनिया में जो कुछ भी किया, वह सब आखिरत में उनके किसी काम न आएगा।

दावत (नसीहत):

यह आयत हमें सिखाती है कि ईमान (विश्वास) और अच्छे कर्मों का आपस में गहरा नाता है। जब तक दिल में ईमान न हो, अच्छे कर्म अल्लाह के यहाँ कबूल नहीं होते। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने ईमान को मजबूत करें, कुरआन और सुन्नत को अपनाएँ, और अपने कर्मों को अल्लाह की रज़ा के लिए करें। याद रखें, अल्लाह किसी का भला काम बेकार नहीं करता, बल्कि उसे और बढ़ाता है — बशर्ते वह ईमान के साथ हो। आइए, हम अपने जीवन को ईमान और अच्छे कर्मों से सजाएँ, ताकि दुनिया और आखिरत दोनों में कामयाब हों।



📜 आयत 6-10 — मुहम्मद

6وَيُدْخِلُهُمُ الْجَنَّةَ عَرَّفَهَا لَهُمْ
और उनकी हालत सवार देगा और उनको उस बेहिश्त में दाख़िल करेगा जिसका उन्हें (पहले से) येनासा कर रखा है
7يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا إِن تَنصُرُوا اللَّهَ يَنصُرْكُمْ وَيُثَبِّتْ أَقْدَامَكُمْ
ऐ ईमानदारों अगर तुम ख़ुदा (के दीन) की मदद करोगे तो वह भी तुम्हारी मदद करेगा और तुम्हें साबित क़दम रखेगा
8وَالَّذِينَ كَفَرُوا فَتَعْسًا لَّهُمْ وَأَضَلَّ أَعْمَالَهُمْ
और जो लोग काफ़िर हैं उनके लिए तो डगमगाहट है और ख़ुदा (उनके) आमाल बरबाद कर देगा
9ذَٰلِكَ بِأَنَّهُمْ كَرِهُوا مَا أَنزَلَ اللَّهُ فَأَحْبَطَ أَعْمَالَهُمْ
ये इसलिए कि ख़ुदा ने जो चीज़ नाज़िल फ़रमायी उसे उन्होने (नापसन्द किया) तो ख़ुदा ने उनकी कारस्तानियों को अकारत कर दिया
10۞ أَفَلَمْ يَسِيرُوا فِي الْأَرْضِ فَيَنظُرُوا كَيْفَ كَانَ عَاقِبَةُ الَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ ۚ دَمَّرَ اللَّهُ عَلَيْهِمْ ۖ وَلِلْكَافِرِينَ أَمْثَالُهَا
तो क्या ये लोग रूए ज़मीन पर चले फिरे नहीं तो देखते जो लोग उनसे पहले थे उनका अन्जाम क्या (ख़राब) हुआ कि ख़ुदा ने उन पर तबाही डाल दी और इसी तरह (उन) काफिरों को भी (सज़ा मिलेगी)
मुहम्मदकुरान सूची
38आयत
मदनीRevelation
8आयत

अनुवाद — मुहम्मद 8

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Tuesday, August 18, 2026

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