अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يَتُوبُونَ – तौबा करें, पलटें
- يَسْتَغْفِرُونَهُ – उससे क्षमा माँगें
- غَفُورٌ – अत्यंत क्षमाशील
- رَحِيمٌ – अत्यंत दयालु
तफ़सीर (व्याख्या):
क्या ये ईसाई अपनी उस ग़लत बात (ईसा अलैहिस्सलाम को ईश्वर का पुत्र कहना) से बाज़ नहीं आएँगे? क्या वे अल्लाह की ओर तौबा नहीं करेंगे और उससे अपने कुकर्मों की क्षमा नहीं माँगेंगे? अल्लाह तआला उन लोगों के पापों को माफ़ करने के लिए तैयार है जो सच्चे दिल से तौबा करें। वह अपने बंदों पर अत्यंत कृपालु और दयावान है। यदि वे अपनी ग़लत मान्यताओं को छोड़कर अल्लाह की ओर लौट आएँ, तो अल्लाह उनके सभी पापों को क्षमा कर देगा, चाहे वे कितने ही बड़े क्यों न हों, यहाँ तक कि शिर्क (अल्लाह के साथ साझीदार ठहराना) भी क्षमा किया जा सकता है, बशर्ते वे ईमान लाएँ और तौबा करें।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- अल्लाह तआला की रहमत असीम है – वह हर पाप को क्षमा करने के लिए तैयार है, बशर्ते बंदा सच्चे दिल से तौबा करे। यह अल्लाह की महान दया का प्रमाण है कि उसने अपने बंदों के लिए तौबा का दरवाज़ा हमेशा खुला रखा है।
- इस्लाम में निराशा की कोई गुंजाइश नहीं – चाहे इंसान कितना ही बड़ा गुनाहगार क्यों न हो, अल्लाह की क्षमा की उम्मीद हमेशा बनी रहती है। यह बात इंसान को गुनाह के बाद मायूसी से बचाती है और उसे सुधार का रास्ता दिखाती है।
- तौबा का अर्थ केवल ज़बान से माफ़ी माँगना नहीं, बल्कि ग़लत मान्यताओं और कर्मों को त्यागना है – सच्ची तौबा वही है जो दिल से हो और अमल में बदलाव लाए।
- यह आयत दर्शाती है कि इस्लाम का पैग़ाम सभी मानवजाति के लिए है – चाहे वे किसी भी धर्म या पंथ से हों, उन्हें सच्चाई की ओर बुलाया जाता है और उनके लिए क्षमा का दरवाज़ा खुला है।
- अल्लाह की क्षमा और दया का वर्णन करके यह आयत लोगों को अल्लाह की ओर आकर्षित करती है और उनके दिलों में उसकी रहमत की उम्मीद पैदा करती है, जो इस्लाम की सबसे बड़ी विशेषता है।
📜 आयत 72-76 — अल-माइदा
अनुवाद — अल-माइदा 74
सूरा अल-माइदा आयत 74 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो ये लोग ख़ुदा की बारगाह में तौबा क्यों नहीं…सूरा आयत 74/120 — अल-माइदा المائدة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-माइदा सुनें, अल-माइदा अनुवाद, अल-माइदा mp3, अल-माइदा pdf. आयत 72–76. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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