काफ · 19/45
अनुवाद उच्चारण — काफ
وَجَاءَتْ سَكْرَةُ الْمَوْتِ بِالْحَقِّ ۖ ذَٰلِكَ مَا كُنتَ مِنْهُ تَحِيدُ ۝١٩
Wa jaaa`at kullu nafsim ma`ahaa saaa`iqunw wa shaheed
📖 हिंदी अर्थ
मौत की बेहोशी यक़ीनन तारी होगी (जो हम बता देंगे कि) यही तो वह (हालात है) जिससे तू भागा करता था

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • سَكْرَةُ الْمَوْتِ: मौत की बेहोशी, वह सख्त घड़ी जो इंसान का होश उड़ा देती है।
  • بِالْحَقِّ: सच्चाई के साथ, यानी मौत की वह घड़ी जो अटल सत्य है और जिसे टाला नहीं जा सकता।
  • تَحِيدُ: तुम भटकते हो, किनारा करते हो, भागते हो।

तफसीर (व्याख्या):

जब मौत की सख्त बेहोशी और उसकी पीड़ा इंसान के सामने आती है, तो वह उस सच्चाई के साथ आती है जिसे झुठलाया नहीं जा सकता, न ही उससे बचा जा सकता है। यह वही घड़ी है जिससे तुम—ऐ इंसान—हमेशा दूर भागते रहे, जिससे तुम किनारा करते रहे और जिसे तुम भूलने की कोशिश करते रहे। लेकिन आखिरकार वह आ गई, और अब उससे कोई पनाह नहीं मिल सकती।

यह आयत इंसान को उसकी सबसे बड़ी हकीकत की याद दिलाती है—वह हकीकत जिसे हम अक्सर भुला देते हैं और जिससे हम अपना ध्यान हटा लेते हैं। मौत की घड़ी में इंसान की आँखें खुलती हैं, लेकिन तब सुधार का मौका नहीं रहता। यही वह समय है जब हर इंसान को अपने अमल का सामना करना होगा।

प्यारे भाईयों और बहनों! यह आयत हमें जागरूक करती है कि मौत कोई दूर की चीज़ नहीं, बल्कि हर लम्हा हमारे करीब है। हमें चाहिए कि इस दुनिया में रहते हुए उस दिन की तैयारी करें, जब हमारे सामने हमारे सारे कर्म रखे जाएँगे। अल्लाह ने हमें ज़िंदगी का यह मौका इसलिए दिया है कि हम उसकी इबादत करें, उसकी राह पर चलें और अपने आख़िरत को संवारें। मौत से भागना नामुमकिन है, लेकिन अल्लाह की रहमत और उसकी मग़फिरत उनके लिए है जो उसकी ओर रुजू करते हैं। आओ, हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक बनाएँ, ताकि मौत की घड़ी हमारे लिए राहत और सुकून का ज़रिया बने, न कि अफ़सोस और पछतावे का।



📜 आयत 17-21 — काफ

17إِذْ يَتَلَقَّى الْمُتَلَقِّيَانِ عَنِ الْيَمِينِ وَعَنِ الشِّمَالِ قَعِيدٌ
जब (वह कोई काम करता हैं तो) दो लिखने वाले (केरामन क़ातेबीन) जो उसके दाहिने बाएं बैठे हैं लिख लेते हैं
18مَّا يَلْفِظُ مِن قَوْلٍ إِلَّا لَدَيْهِ رَقِيبٌ عَتِيدٌ
कोई बात उसकी ज़बान पर नहीं आती मगर एक निगेहबान उसके पास तैयार रहता है
19وَجَاءَتْ سَكْرَةُ الْمَوْتِ بِالْحَقِّ ۖ ذَٰلِكَ مَا كُنتَ مِنْهُ تَحِيدُ
मौत की बेहोशी यक़ीनन तारी होगी (जो हम बता देंगे कि) यही तो वह (हालात है) जिससे तू भागा करता था
20وَنُفِخَ فِي الصُّورِ ۚ ذَٰلِكَ يَوْمُ الْوَعِيدِ
और सूर फूँका जाएगा यही (अज़ाब) के वायदे का दिन है और हर शख़्श (हमारे सामने) (इस तरह) हाज़िर होगा
21وَجَاءَتْ كُلُّ نَفْسٍ مَّعَهَا سَائِقٌ وَشَهِيدٌ
कि उसके साथ एक (फरिश्ता) हॅका लाने वाला होगा
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45आयत
मक्कीRevelation
19आयत

अनुवाद — काफ 19

सूरा काफ आयत 19 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मौत की बेहोशी यक़ीनन तारी होगी (जो हम बता देंगे…

सूरा आयत 19/45 — काफ ق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: काफ सुनें, काफ अनुवाद, काफ mp3, काफ pdf. आयत 17–21. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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