अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الصُّور (सूर): अर्थात "सींग" (नरसिंगा), जिसमें इसराफील (अलैहिस्सलाम) फूँक मारेंगे। यह क़यामत के दिन की दूसरी फूँक है, जो मुर्दों के जीवित होने के लिए होगी।
- الْوَعِيد (अल-वईद): अर्थात "चेतावनी" या "वादा किया गया अज़ाब", जो काफ़िरों और गुनाहगारों के लिए है।
तफ़सीर:
जब अल्लाह तआला का फ़ैसला आएगा और इसराफील (अलैहिस्सलाम) सींग में दूसरी बार फूँक मारेंगे, तो सारे मुर्दे क़ब्रों से उठ खड़े होंगे। यह वह दिन है जिसका वादा अल्लाह ने अपने नबियों की ज़ुबानी किया था — वह दिन जब काफ़िरों और नाफ़रमानों को उनके बुरे कर्मों का पूरा बदला मिलेगा। यह दिन "यौमुल वईद" (चेतावनी वाला दिन) कहलाता है, क्योंकि यही वह दिन है जब अल्लाह की धमकियाँ सच होकर सामने आएँगी।
यह आयत हमें याद दिलाती है कि दुनिया की ज़िंदगी कोई खेल नहीं है। हर इंसान को एक दिन अपने कर्मों का हिसाब देना है। जो लोग आज अल्लाह के आदेशों को भूलकर अपनी मर्ज़ी से जीते हैं, उनके लिए यह दिन बड़ा भयानक होगा। लेकिन जो लोग ईमान लाए और अच्छे कर्म किए, उनके लिए यही दिन खुशी और कामयाबी का दिन होगा।
दावती पहलू:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सीधा सचेत करती है कि ज़िंदगी की मोहलत हमेशा के लिए नहीं है। आज हम जिस दुनिया में मगन हैं, यही दुनिया कल हमारे लिए या तो जन्नत का रास्ता बनेगी या जहन्नम का। अल्लाह ने अपने रहमत से हमें मौका दिया है कि हम तौबा करें, नेक काम करें और उस दिन की तैयारी करें जब कोई मददगार नहीं होगा, सिवाय अल्लाह की रहमत के। यह दिन कितना बड़ा होगा — जब सारे इंसान अपने अमल की किताब लेकर खड़े होंगे। आओ, हम इसी पल से अपनी ज़िंदगी को सुधारें, नमाज़ की पाबंदी करें, सच बोलें, और अल्लाह के बताए रास्ते पर चलें, ताकि उस दिन हमारा सामना रहमत के साथ हो, अज़ाब से नहीं। अल्लाह हम सबको समझ दे और सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 18-22 — काफ
अनुवाद — काफ 20
सूरा काफ आयत 20 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और सूर फूँका जाएगा यही (अज़ाब) के वायदे का दिन…सूरा आयत 20/45 — काफ ق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: काफ सुनें, काफ अनुवाद, काफ mp3, काफ pdf. आयत 18–22. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, August 19, 2026
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