अत-तूर · 22/49
अनुवाद उच्चारण — अत-तूर
وَأَمْدَدْنَاهُم بِفَاكِهَةٍ وَلَحْمٍ مِّمَّا يَشْتَهُونَ ۝٢٢
Wa amdadnaahum bifaa kihatinw wa lahmim mimmaa yashtahoon
📖 हिंदी अर्थ
और जिस क़िस्म के मेवे और गोश्त को उनका जी चाहेगा हम उन्हें बढ़ाकर अता करेंगे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • أَمْدَدْنَاهُم – हमने उन्हें बढ़ा-चढ़ाकर दिया, लगातार प्रदान किया।
  • بِفَاكِهَةٍ – तरह-तरह के मेवे और फल।
  • وَلَحْمٍ – और मांस (गोश्त)।
  • مِمَّا يَشْتَهُونَ – जिसे वे चाहें और जिसकी उन्हें इच्छा हो।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने अपने नेक बंदों के लिए जन्नत के उस अनगिनत इनाम का ज़िक्र करते हुए फ़रमाया कि हमने उन्हें हर तरह के फलों और मांस से नवाज़ा है, जिसकी वे इच्छा करते हैं। यह कोई एक बार का इनाम नहीं, बल्कि हमेशा बढ़ता रहने वाला और हर पल नए सिरे से मिलने वाला है। जन्नत में जब किसी को किसी चीज़ की तमन्ना होगी, वह चीज़ तुरंत उसके सामने हाज़िर होगी — बिना किसी मेहनत, बिना किसी तकलीफ़ के। यह उस करीम (سخاوت) का इनाम है जो दुनिया में अपने बंदों को रिज़्क़ देता है, और आख़िरत में उन्हें ऐसी नेमतें देगा जो किसी आँख ने देखी हों, किसी कान ने सुनी हों और किसी दिल ने सोची न हों।

इस आयत में जो ख़ास तौर पर "मांस" का ज़िक्र आया है, वह इसलिए कि जन्नत के मांस का लुत्फ़ और उसकी लज़्ज़त दुनिया के मांस से कहीं बढ़कर होगी — वहाँ का हर निवाला सुकून और राहत का ज़रिया होगा। और जो चीज़ इंसान दिल से चाहता है, अल्लाह उसे उसकी चाहत से भी बेहतर देता है। यह अल्लाह की उस महान दया की झलक है जो वह अपने मोमिन बंदों पर करता है।


दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):

यह आयत हर मुसलमान के दिल में जन्नत की मुहब्बत पैदा करती है और उसे अमल की तरफ़ राग़िब करती है। जब हमें पता चले कि हमारे रब ने हमारे लिए ऐसी जगह तैयार की है जहाँ हर ख्वाहिश पूरी होगी, हर दिल की मुराद मिलेगी, तो हमें चाहिए कि इस दुनिया की फ़ानी (क्षणभंगुर) लज़्ज़तों के पीछे अपनी ज़िंदगी बर्बाद न करें। जन्नत की याद दिल को साफ़ करती है, नीयत को दुरुस्त करती है और इंसान को नेक कामों की तरफ़ ले जाती है। याद रखें — जो आज अल्लाह की राह में अपनी ख्वाहिशों को क़ाबू में रखता है, अल्लाह कल उसे वहाँ हर ख्वाहिश पूरी करने का मौक़ा देगा। यही सच्ची कामयाबी है।



📜 आयत 20-24 — अत-तूर

20مُتَّكِئِينَ عَلَىٰ سُرُرٍ مَّصْفُوفَةٍ ۖ وَزَوَّجْنَاهُم بِحُورٍ عِينٍ
तकिए लगाकर ख़ूब मज़े से खाओ पियो और हम बड़ी बड़ी ऑंखों वाली हूर से उनका ब्याह रचाएँगे
21وَالَّذِينَ آمَنُوا وَاتَّبَعَتْهُمْ ذُرِّيَّتُهُم بِإِيمَانٍ أَلْحَقْنَا بِهِمْ ذُرِّيَّتَهُمْ وَمَا أَلَتْنَاهُم مِّنْ عَمَلِهِم مِّن شَيْءٍ ۚ كُلُّ امْرِئٍ بِمَا كَسَبَ رَهِينٌ
और जिन लोगों ने ईमान क़ुबूल किया और उनकी औलाद ने भी ईमान में उनका साथ दिया तो हम उनकी औलाद को भी उनके दर्जे पहुँचा देंगे और हम उनकी कारगुज़ारियों में से कुछ भी कम न करेंगे हर शख़्श अपने आमाल के बदले में गिरवी है
22وَأَمْدَدْنَاهُم بِفَاكِهَةٍ وَلَحْمٍ مِّمَّا يَشْتَهُونَ
और जिस क़िस्म के मेवे और गोश्त को उनका जी चाहेगा हम उन्हें बढ़ाकर अता करेंगे
23يَتَنَازَعُونَ فِيهَا كَأْسًا لَّا لَغْوٌ فِيهَا وَلَا تَأْثِيمٌ
वहाँ एक दूसरे से शराब का जाम ले लिया करेंगे जिसमें न कोई बेहूदगी है और न गुनाह
24۞ وَيَطُوفُ عَلَيْهِمْ غِلْمَانٌ لَّهُمْ كَأَنَّهُمْ لُؤْلُؤٌ مَّكْنُونٌ
(और ख़िदमत के लिए) नौजवान लड़के उनके आस पास चक्कर लगाया करेंगे वह (हुस्न व जमाल में) गोया एहतियात से रखे हुए मोती हैं
अत-तूरकुरान सूची
49आयत
मक्कीRevelation
22आयत

अनुवाद — अत-तूर 22

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Tuesday, August 18, 2026

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