Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- أَمْدَدْنَاهُم – हमने उन्हें बढ़ा-चढ़ाकर दिया, लगातार प्रदान किया।
- بِفَاكِهَةٍ – तरह-तरह के मेवे और फल।
- وَلَحْمٍ – और मांस (गोश्त)।
- مِمَّا يَشْتَهُونَ – जिसे वे चाहें और जिसकी उन्हें इच्छा हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने अपने नेक बंदों के लिए जन्नत के उस अनगिनत इनाम का ज़िक्र करते हुए फ़रमाया कि हमने उन्हें हर तरह के फलों और मांस से नवाज़ा है, जिसकी वे इच्छा करते हैं। यह कोई एक बार का इनाम नहीं, बल्कि हमेशा बढ़ता रहने वाला और हर पल नए सिरे से मिलने वाला है। जन्नत में जब किसी को किसी चीज़ की तमन्ना होगी, वह चीज़ तुरंत उसके सामने हाज़िर होगी — बिना किसी मेहनत, बिना किसी तकलीफ़ के। यह उस करीम (سخاوت) का इनाम है जो दुनिया में अपने बंदों को रिज़्क़ देता है, और आख़िरत में उन्हें ऐसी नेमतें देगा जो किसी आँख ने देखी हों, किसी कान ने सुनी हों और किसी दिल ने सोची न हों।
इस आयत में जो ख़ास तौर पर "मांस" का ज़िक्र आया है, वह इसलिए कि जन्नत के मांस का लुत्फ़ और उसकी लज़्ज़त दुनिया के मांस से कहीं बढ़कर होगी — वहाँ का हर निवाला सुकून और राहत का ज़रिया होगा। और जो चीज़ इंसान दिल से चाहता है, अल्लाह उसे उसकी चाहत से भी बेहतर देता है। यह अल्लाह की उस महान दया की झलक है जो वह अपने मोमिन बंदों पर करता है।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
यह आयत हर मुसलमान के दिल में जन्नत की मुहब्बत पैदा करती है और उसे अमल की तरफ़ राग़िब करती है। जब हमें पता चले कि हमारे रब ने हमारे लिए ऐसी जगह तैयार की है जहाँ हर ख्वाहिश पूरी होगी, हर दिल की मुराद मिलेगी, तो हमें चाहिए कि इस दुनिया की फ़ानी (क्षणभंगुर) लज़्ज़तों के पीछे अपनी ज़िंदगी बर्बाद न करें। जन्नत की याद दिल को साफ़ करती है, नीयत को दुरुस्त करती है और इंसान को नेक कामों की तरफ़ ले जाती है। याद रखें — जो आज अल्लाह की राह में अपनी ख्वाहिशों को क़ाबू में रखता है, अल्लाह कल उसे वहाँ हर ख्वाहिश पूरी करने का मौक़ा देगा। यही सच्ची कामयाबी है।
📜 आयत 20-24 — सूरा अत-तूर
अनुवाद — अत-तूर 22
सूरा अत-तूर आयत 22 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जिस क़िस्म के मेवे और गोश्त को उनका जी…सूरा आयत 22/49 — सूरा अत-तूर الطور (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अत-तूर सुनें, सूरा अत-तूर अनुवाद, सूरा अत-तूर mp3, सूरा अत-तूर pdf. आयत 20–24. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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