अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مِنَ الْأَنبَاءِ: पिछली उम्मतों की ख़बरें और उनके क़िस्से।
- مُزْدَجَرٌ: वह चीज़ जो रोके और डराए, यानी नसीहत और इबरत लेने का ज़रिया।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला फ़रमाता है कि इन कुफ़्फ़ारे मक्का के पास वो सारी ख़बरें आ चुकी हैं जो पिछली उम्मतों से जुड़ी हुई हैं — जिन्होंने अपने रसूलों को झुठलाया और अल्लाह की नाफ़रमानी की, तो उन पर अज़ाब आया और वो तबाह कर दिए गए। ये क़िस्से क़ुरआन में बयान किए गए हैं ताकि इनमें उनके लिए सबक़ हो, और ये ख़बरें उन्हें उनके कुफ़्र और गुमराही से रोकने के लिए काफ़ी हैं। अगर वो दिल से सुनें और अक़्ल से सोचें, तो ये क़िस्से उन्हें अज़ाब से डराने और सच्चाई क़बूल करने की तरफ़ बुलाने के लिए काफ़ी हैं।
ये आयत हमें बताती है कि अल्लाह ने अपनी रहमत से हमें पिछली उम्मतों के हालात से आगाह किया है, ताकि हम उनकी ग़लतियों से बचें और उनके अंजाम से डरें। क़ुरआन का हर क़िस्सा हमारे लिए एक रोशनी है, जो हमें सीधे रास्ते पर चलने की तरग़ीब देता है और गुनाहों से रोकता है। जो शख्स इन ख़बरों से इबरत हासिल करता है, वो कामयाब होता है, और जो इन्हें नज़रअंदाज़ करता है, वो उसी अंजाम का सामना करेगा जो पिछली उम्मतों ने किया। अल्लाह तआला ने हमें अक़्ल दी है और क़ुरआन भेजा है — ये हमारी किस्मत है कि हम इनसे फ़ायदा उठाएँ और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएँ।
📜 आयत 2-6 — अल-क़मर
अनुवाद — अल-क़मर 4
सूरा अल-क़मर आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उनके पास तो वह हालात पहुँच चुके हैं जिनमें…सूरा आयत 4/55 — अल-क़मर القمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़मर सुनें, अल-क़मर अनुवाद, अल-क़मर mp3, अल-क़मर pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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