Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَكُفَّارُكُمْ (अकुफ्फारुकुम): तुम्हारे काफ़िर (इनकार करने वाले)।
- خَيْرٌ (ख़ैरुन): बेहतर, अधिक शक्तिशाली या अधिक सम्मानित।
- مِنْ أُولَٰئِكُمْ (मिन उलाइकुम): उन (पिछले) लोगों से।
- بَرَاءَةٌ (बराअतुन): छूट, मुक्ति, बरी होना।
- الزُّبُرِ (अज़-ज़ुबुर): किताबें (आसमानी किताबें)।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ कुरैश के काफ़िरों! क्या तुम्हारा हाल उन पिछली उम्मतों से बेहतर है जिन्होंने अपने नबियों को झुठलाया और अल्लाह के अज़ाब का शिकार हुईं? क्या तुममें उनसे ज़्यादा ताक़त है, या तुम्हारे पास कोई ऐसी ज़मानत है जो उनके पास नहीं थी? यह सवाल दरअसल उन्हें चेतावनी देने के लिए है, कि अगर तुम भी वही रास्ता अपनाओगे जो नूह, आद, समूद, लूत और फ़िरऔन की क़ौमों ने अपनाया था, तो तुम्हारा अंजाम भी वही होगा।
क्या तुम्हारे पास कोई आसमानी किताब है जिसमें लिखा हो कि तुम्हें अज़ाब से छूट मिल जाएगी? हरगिज़ नहीं! यह सिर्फ़ तुम्हारा वहम और झूठा ख़याल है। अल्लाह की सुन्नत (क़ानून) यही रही है कि जब कोई उम्मत अपने नबी को झुठलाती है और हद से गुज़र जाती है, तो उस पर अज़ाब आता है। तुम भी उसी राह पर हो, इसलिए डरो और अपने किए पर पछताओ, क्योंकि अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह के सामने किसी को भी अपनी ताक़त, माल या ओहदे पर नाज़ नहीं करना चाहिए। सच्ची इज़्ज़त तो अल्लाह की इबादत और उसके रसूल की पैरवी में है। जो लोग अल्लाह के हुक्मों से मुँह मोड़ते हैं, वे चाहे कितने भी ताक़तवर क्यों न हों, आख़िरकार उनका अंजाम बुरा होता है। इसलिए हमें चाहिए कि हम क़ुरआन और सुन्नत को पकड़ें, अपने गुनाहों से तौबा करें, और अल्लाह की रहमत के तलबगार बनें। अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान है, जो अपने बंदों को मौका देता है, लेकिन जब उसका अज़ाब आता है, तो कोई उसे टाल नहीं सकता।
📜 आयत 41-45 — सूरा अल-क़मर
अनुवाद — अल-क़मर 43
सूरा अल-क़मर आयत 43 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ अहले मक्का) क्या उन लोगों से भी तुम्हारे कुफ्फार…सूरा आयत 43/55 — सूरा अल-क़मर القمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-क़मर सुनें, सूरा अल-क़मर अनुवाद, सूरा अल-क़मर mp3, सूरा अल-क़मर pdf. आयत 41–45. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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