अल-क़मर · 48/55
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-क़मर
يَوْمَ يُسْحَبُونَ فِي النَّارِ عَلَىٰ وُجُوهِهِمْ ذُوقُوا مَسَّ سَقَرَ ۝٤٨
Yawma yushaboona fin Naari`alaa wujoohimim zooqoo massa saqar
📖 हिंदी अर्थ
उस रोज़ ये लोग अपने अपने मुँह के बल (जहन्नुम की) आग में घसीटे जाएँगे (और उनसे कहा जाएगा) अब जहन्नुम की आग का मज़ा चखो

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00


📜 आयत 46-50 — सूरा अल-क़मर

46بَلِ السَّاعَةُ مَوْعِدُهُمْ وَالسَّاعَةُ أَدْهَىٰ وَأَمَرُّ
बात ये है कि इनके वायदे का वक्त क़यामत है और क़यामत बड़ी सख्त और बड़ी तल्ख़ (चीज़) है
47إِنَّ الْمُجْرِمِينَ فِي ضَلَالٍ وَسُعُرٍ
बेशक गुनाहगार लोग गुमराही और दीवानगी में (मुब्तिला) हैं
48يَوْمَ يُسْحَبُونَ فِي النَّارِ عَلَىٰ وُجُوهِهِمْ ذُوقُوا مَسَّ سَقَرَ
उस रोज़ ये लोग अपने अपने मुँह के बल (जहन्नुम की) आग में घसीटे जाएँगे (और उनसे कहा जाएगा) अब जहन्नुम की आग का मज़ा चखो
49إِنَّا كُلَّ شَيْءٍ خَلَقْنَاهُ بِقَدَرٍ
बेशक हमने हर चीज़ एक मुक़र्रर अन्दाज़ से पैदा की है
50وَمَا أَمْرُنَا إِلَّا وَاحِدَةٌ كَلَمْحٍ بِالْبَصَرِ
और हमारा हुक्म तो बस ऑंख के झपकने की तरह एक बात होती है
अल-क़मरकुरान सूची
55आयत
मक्कीअवतरण स्थान
48आयत

अनुवाद — अल-क़मर 48

सूरा अल-क़मर आयत 48 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उस रोज़ ये लोग अपने अपने मुँह के बल (जहन्नुम…

सूरा आयत 48/55 — सूरा अल-क़मर القمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-क़मर सुनें, सूरा अल-क़मर अनुवाद, सूरा अल-क़मर mp3, सूरा अल-क़मर pdf. आयत 46–50. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Thursday, October 1, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए