अल-क़मर · 49/55
अनुवाद उच्चारण — अल-क़मर
إِنَّا كُلَّ شَيْءٍ خَلَقْنَاهُ بِقَدَرٍ ۝٤٩
Innaa kulla shai`in khalaqnaahu biqadar
📖 हिंदी अर्थ
बेशक हमने हर चीज़ एक मुक़र्रर अन्दाज़ से पैदा की है

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📜 आयत 47-51 — अल-क़मर

47إِنَّ الْمُجْرِمِينَ فِي ضَلَالٍ وَسُعُرٍ
बेशक गुनाहगार लोग गुमराही और दीवानगी में (मुब्तिला) हैं
48يَوْمَ يُسْحَبُونَ فِي النَّارِ عَلَىٰ وُجُوهِهِمْ ذُوقُوا مَسَّ سَقَرَ
उस रोज़ ये लोग अपने अपने मुँह के बल (जहन्नुम की) आग में घसीटे जाएँगे (और उनसे कहा जाएगा) अब जहन्नुम की आग का मज़ा चखो
49إِنَّا كُلَّ شَيْءٍ خَلَقْنَاهُ بِقَدَرٍ
बेशक हमने हर चीज़ एक मुक़र्रर अन्दाज़ से पैदा की है
50وَمَا أَمْرُنَا إِلَّا وَاحِدَةٌ كَلَمْحٍ بِالْبَصَرِ
और हमारा हुक्म तो बस ऑंख के झपकने की तरह एक बात होती है
51وَلَقَدْ أَهْلَكْنَا أَشْيَاعَكُمْ فَهَلْ مِن مُّدَّكِرٍ
और हम तुम्हारे हम मशरबो को हलाक कर चुके हैं तो कोई है जो नसीहत हासिल करे
अल-क़मरकुरान सूची
55आयत
मक्कीRevelation
49आयत

अनुवाद — अल-क़मर 49

सूरा अल-क़मर आयत 49 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक हमने हर चीज़ एक मुक़र्रर अन्दाज़ से पैदा की…

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Wednesday, August 19, 2026

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