Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَسْتَجِيبُ: स्वीकार करना, उत्तर देना, मान लेना।
- يَسْمَعُونَ: सुनना (स्वीकृति और समझ के साथ)।
- وَالْمَوْتَى: मुर्दे, यहाँ अर्थ है वे लोग जिनके दिल बाात समझने और कबूल करने से मर चुके हैं।
- يَبْعَثُهُمُ: उन्हें उठाएगा, जीवित करेगा।
- يُرْجَعُونَ: लौटाए जाएँगे।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आपकी पुकार और आपके द्वारा लाई गई हिदायत को सिर्फ वही लोग कबूल करते हैं जो सुनने की सच्ची क्षमता रखते हैं—यानी जो दिल से सुनते हैं, समझते हैं और उसे मान लेते हैं। यह सुनना सिर्फ कानों का नहीं, बल्कि दिल की आँखों से देखना और समझना है। ऐसे लोग ही हिदायत की रोशनी से अपने जीवन को रोशन करते हैं।
जहाँ तक काफिरों का सवाल है, वे मुर्दों की तरह हैं, क्योंकि उनके दिल बात समझने और कबूल करने से मर चुके हैं। उनके कान हैं, लेकिन वे सच्चाई को सुनकर उस पर अमल नहीं करते। उनकी यह हालत देखकर आपको अफसोस नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह आपकी दावत की कमी नहीं, बल्कि उनके दिलों की मौत है।
लेकिन याद रखिए! ये मुर्दे (काफिर) भी हमेशा मुर्दा नहीं रहेंगे। अल्लाह ही है जो सभी मुर्दों को क़यामत के दिन कब्रों से उठाएगा, और फिर सबको उसी की तरफ लौटना है। उस दिन हर कोई अपने किए का हिसाब देगा, और अल्लाह हर एक को उसके अमल का पूरा बदला देगा।
दावत और नसीहत:
यह आयत हमें सिखाती है कि हिदायत पाने के लिए सबसे पहले सुनने की नीयत और समझने की तैयारी चाहिए। जो लोग दिल से सच्चाई को सुनने और कबूल करने के लिए तैयार होते हैं, अल्लाह उन्हें राह दिखाता है। और जो लोग घमंड या अंधेरे में डूबे रहते हैं, वे मुर्दों की तरह हैं, लेकिन अल्लाह की रहमत से कोई भी दिल ज़िंदा हो सकता है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने दिलों को ज़िंदा रखें, कुरान और सुन्नत की बातों को ध्यान से सुनें और उस पर अमल करें। याद रखें, एक दिन हम सबको अल्लाह के सामने खड़ा होना है, और उस दिन की कामयाबी उन्हीं के लिए है जो आज सच्चाई को सुनकर उसे अपना लें।
📜 आयत 34-38 — सूरा अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 36
सूरा अल-अनआम आयत 36 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (तुम्हारा कहना तो) सिर्फ वही लोग मानते हैं जो (दिल…सूरा आयत 36/165 — सूरा अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अनआम सुनें, सूरा अल-अनआम अनुवाद, सूरा अल-अनआम mp3, सूरा अल-अनआम pdf. आयत 34–38. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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