अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يَتَوَفَّاكُمْ: तुम्हारी आत्माओं को क़ब्ज़ कर लेता है (यहाँ नींद के समय आत्मा के क़ब्ज़ होने का अर्थ है)।
- جَرَحْتُمْ: तुमने कमाया (अच्छे या बुरे कर्म)।
- يَبْعَثُكُمْ: तुम्हें जगाता है (नींद से उठाता है)।
- أَجَلٌ مُسَمًّى: निर्धारित समय (जीवन की निश्चित अवधि)।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह ही वह है जो रात में तुम्हारी आत्माओं को क़ब्ज़ कर लेता है—यानी नींद के समय वह तुम्हारी आत्मा को इस प्रकार अपने पास रखता है जैसे मृत्यु के समय क़ब्ज़ किया जाता है, लेकिन यह क़ब्ज़ अस्थायी होता है। वह दिन में तुम्हारे द्वारा किए गए सभी कर्मों को जानता है—चाहे वे अच्छे हों या बुरे, छोटे हों या बड़े। फिर वह तुम्हें नींद से जगाकर दिन में उठाता है, ताकि तुम अपने काम-काज कर सको और तुम्हारी निर्धारित आयु पूरी हो सके। यह प्रक्रिया (नींद और जागना) तब तक जारी रहती है जब तक कि तुम्हारा निर्धारित समय (मृत्यु) नहीं आ जाता। इसके बाद तुम्हें क़ब्रों से उठाकर अल्लाह की ओर लौटना है—यही तुम्हारा अंतिम पड़ाव है। फिर वह तुम्हें बताएगा कि तुम दुनिया में क्या-क्या करते रहे, और उसके अनुसार तुम्हें बदला (इनाम या सज़ा) देगा। यह आयत नींद को मृत्यु के समान और जागने को पुनर्जीवन के समान बताकर अल्लाह की क़ुदरत और उसके सामने हिसाब की याद दिलाती है।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- नींद अल्लाह की एक बड़ी निशानी है—यह मृत्यु की छोटी सी झलक है, और जागना पुनर्जीवन की याद दिलाता है। इससे इंसान को अख़िरत के दिन पर विश्वास मज़बूत होता है।
- अल्लाह हर पल हमारे कर्मों को देख रहा है और जान रहा है—चाहे हम छिपकर कुछ भी करें। यह एहसास इंसान को गुनाहों से बचाता है और नेक कामों की तरफ़ प्रेरित करता है।
- यह आयत बताती है कि जीवन की अवधि निर्धारित है, और हर इंसान को अपने अमल का हिसाब देना है। इसलिए हमें अपने हर काम में सावधानी बरतनी चाहिए और अल्लाह की रज़ा के अनुसार जीना चाहिए।
- अल्लाह की रहमत और इंसाफ़ का पता चलता है—वह हमें नींद देकर आराम देता है, फिर जगाकर काम करने का मौक़ा देता है, और अंत में न्यायपूर्ण तरीके से हमारा हिसाब लेगा। यह हमें अल्लाह पर भरोसा और उसकी इबादत के लिए प्रेरित करता है।
📜 आयत 58-62 — अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 60
सूरा अल-अनआम आयत 60 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह वही (ख़ुदा) है जो तुम्हें रात को (नींद में…सूरा आयत 60/165 — अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अनआम सुनें, अल-अनआम अनुवाद, अल-अनआम mp3, अल-अनआम pdf. आयत 58–62. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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