अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَفَاتِحُ الْغَيْبِ: ग़ैब (अदृश्य) की कुंजियाँ या ख़ज़ाने।
- ظُلُمَاتِ الْأَرْضِ: धरती के अंधेरे, यानी धरती के भीतर के छिपे हुए हिस्से।
- كِتَابٍ مُّبِينٍ: स्पष्ट और खुले लेख, जिसका अर्थ लौह-ए-महफ़ूज़ (सुरक्षित पट्टिका) है।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला के पास ही ग़ैब की सभी कुंजियाँ हैं, यानी अदृश्य चीज़ों के ख़ज़ाने और उन तक पहुँचने के रास्ते केवल उसी के पास हैं। इन्हें कोई और नहीं जानता, न कोई फ़रिश्ता, न कोई नबी। इनमें क़यामत का समय, बारिश का उतरना, माँ के पेट में बच्चे की हालत, भविष्य में इंसान क्या कमाएगा, और हर इंसान की मौत की जगह जैसे मामले शामिल हैं। वह ज़मीन और समुद्र में मौजूद हर चीज़ को जानता है—चाहे वह जानवर हो, पौधा हो या बेजान चीज़। कोई पत्ता पेड़ से नहीं गिरता, मगर उसे उसका पता होता है। धरती के अंधेरों में छिपा हुआ कोई अनाज का दाना, कोई हरी या सूखी चीज़—सब कुछ उसके ज्ञान में है और सब कुछ एक स्पष्ट किताब (लौह-ए-महफ़ूज़) में लिखा हुआ है, जिसमें कोई भ्रम या कमी नहीं।
फ़ायदे (सबक़):
इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि अल्लाह का ज्ञान हर चीज़ को घेरे हुए है—बड़ी से बड़ी और छोटी से छोटी चीज़ उससे छिपी नहीं है। यह हमारे दिलों में अल्लाह की अज़मत और क़ुदरत का एहसास पैदा करता है और हमें यक़ीन दिलाता है कि हमारे हर अच्छे या बुरे काम का हिसाब होगा, क्योंकि सब कुछ उसके इल्म में है। यह हमें ग़ैब के मामलों में केवल अल्लाह पर भरोसा करना सिखाता है, क्योंकि ग़ैब की कुंजियाँ सिर्फ़ उसी के पास हैं। साथ ही, यह हमें ज़िम्मेदारी का एहसास देता है कि हम अपने कामों में सावधानी बरतें, क्योंकि अल्लाह हर पत्ते के गिरने तक को जानता है, तो हमारे कर्म तो उससे किसी भी हाल में छिपे नहीं हैं। यह आयत हमें अल्लाह के इल्म की असीमता पर ग़ौर करने की दावत देती है और हमारे दिल में उसकी मोहब्बत और ख़ौफ़ दोनों पैदा करती है।
📜 आयत 57-61 — अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 59
सूरा अल-अनआम आयत 59 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उसके पास ग़ैब की कुन्जियॉ हैं जिनको उसके सिवा…सूरा आयत 59/165 — अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अनआम सुनें, अल-अनआम अनुवाद, अल-अनआम mp3, अल-अनआम pdf. आयत 57–61. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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