Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَلْبِسَكُمْ شِيَعًا: तुम्हें विभिन्न गुटों और फ़िरकों में मिला दे, यानी आपसी फूट और विभाजन डाल दे।
- بَأْسَ بَعْضٍ: एक-दूसरे की सख़्ती, युद्ध और हिंसा का स्वाद चखा दे।
- نُصَرِّفُ الْآيَاتِ: हम अपनी निशानियों और प्रमाणों को विभिन्न रूपों में प्रस्तुत करते हैं।
- يَفْقَهُونَ: वे समझें और सीख लें।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप इन मुशरिकों से कह दीजिए कि अल्लाह ही सर्वशक्तिमान है और वह अकेला ही इस पर पूर्ण सामर्थ्य रखता है कि वह तुम पर विभिन्न प्रकार की यातनाएँ भेजे। वह चाहे तो तुम्हारे ऊपर से आसमान से पत्थर बरसाए, तूफ़ान भेजे, या बाढ़ में डुबो दे, जैसा उसने अतीत की क़ौमों (आद, समूद, नूह की क़ौम, लूत की क़ौम) के साथ किया। या वह चाहे तो तुम्हें तुम्हारे पैरों के नीचे से ज़मीन में धँसा दे, या भूकंप और ज़लज़ले से तुम्हें पकड़ ले, जैसा उसने क़ारून और शुऐब की क़ौम के साथ किया। या वह चाहे तो तुम्हारे बीच आपसी फूट और विभाजन डाल दे, तुम्हें अलग-अलग गुटों और फ़िरकों में बाँट दे, और तुम्हारे ही हाथों तुम्हें एक-दूसरे की तलवार का स्वाद चखाए, यानी तुम आपस में लड़ो और एक-दूसरे को क़त्ल करो।
ऐ नबी! आप देखिए कि हम किस प्रकार इन मुशरिकों के सामने अपनी निशानियों और प्रमाणों को विभिन्न रूपों में प्रस्तुत करते हैं, ताकि वे समझें कि आप जो कुछ लेकर आए हैं वह सत्य है, और उनका शिर्क और अवज्ञा असत्य है। हम उन्हें हर प्रकार से समझाने का प्रयास कर रहे हैं, किंतु वे फिर भी अपनी ग़लतफ़हमी पर अड़े हुए हैं।
फ़ायदे (सीख):
- अल्लाह की क़ुदरत असीमित है; वह किसी भी प्रकार की यातना भेजने पर पूर्ण सामर्थ्य रखता है। यह बात इंसान के दिल में अल्लाह का ख़ौफ़ पैदा करती है और उसे उसकी नाफ़रमानी से रोकती है।
- आपसी फूट और विभाजन अल्लाह की ओर से एक बड़ी सज़ा है, इसलिए मुसलमानों को एकता और भाईचारे पर क़ायम रहना चाहिए और उन चीज़ों से बचना चाहिए जो फूट का सबब बनें।
- अल्लाह अपने बंदों पर बहुत मेहरबान है; वह उन्हें पहले चेतावनी और नसीहत देता है, ताकि वे सुधर जाएँ, और जल्दी सज़ा नहीं देता। यह उसकी रहमत और करम की निशानी है।
- क़ुरआन की आयतें और अल्लाह की निशानियाँ बार-बार अलग-अलग तरीक़ों से बयान की जाती हैं, ताकि इंसान समझे और सीधे रास्ते पर आए। यह अल्लाह की ओर से इंसानियत पर सबसे बड़ा एहसान है।
- यह आयत मुसलमानों को यह सिखाती है कि वे अपने गुनाहों से तौबा करें और अल्लाह की पकड़ से डरें, क्योंकि उसकी पकड़ बहुत सख़्त है, और वही सबसे बड़ा संरक्षक और रक्षक है।
📜 आयत 63-67 — सूरा अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 65
सूरा अल-अनआम आयत 65 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम कह दो कि वही उस पर अच्छी…सूरा आयत 65/165 — सूरा अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अनआम सुनें, सूरा अल-अनआम अनुवाद, सूरा अल-अनआम mp3, सूरा अल-अनआम pdf. आयत 63–67. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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