अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَخُوضُونَ (यखूज़ून): बातों में पड़ना, बुरी और बेकार बातें करना, मज़ाक़ उड़ाना।
- آيَاتِنَا (आयातिना): हमारी आयतें, यानी क़ुरआन की आयतें।
- فَأَعْرِضْ (फ़अ'रिद): उनसे मुँह मोड़ लो, उनसे अलग हो जाओ।
- يُنسِيَنَّكَ (युन्सियन्नक): तुम्हें भुला दे।
- الذِّكْرَى (ज़िक़्रा): याद दिलाना, नसीहत, याद आना।
- الظَّالِمِينَ (ज़ालिमीन): अत्याचारी, ज़ालिम लोग।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! जब तुम देखो कि कुछ लोग हमारी आयतों (क़ुरआन) के बारे में बुरी बातें कर रहे हैं, उनका मज़ाक़ उड़ा रहे हैं, या उन्हें झुठला रहे हैं, तो उनसे अलग हो जाओ और उनके पास न बैठो। यह अलगाव तब तक जारी रखो जब तक वे किसी और विषय में बातचीत न करने लगें। यानी जब तक वे अपनी उस बुरी बात को छोड़कर किसी दूसरी बात में न लग जाएँ, तब तक उनकी महफ़िल से दूर रहो।
और अगर शैतान तुम्हें भुला दे और तुम भूल से उनके पास बैठ जाओ, तो जैसे ही तुम्हें याद आए कि ये लोग आयतों का मज़ाक़ उड़ा रहे हैं, तो तुरंत वहाँ से उठ जाओ और उन ज़ालिम लोगों के साथ न बैठो, जो अल्लाह की आयतों को झुठलाते और उनका उपहास करते हैं।
यह हुक्म सिर्फ़ नबी ﷺ के लिए नहीं, बल्कि हर मुसलमान के लिए है कि वह ऐसी महफ़िलों से बचे रहे जहाँ अल्लाह की आयतों का मज़ाक़ उड़ाया जा रहा हो।
फ़ायदे (लाभ):
- इस आयत से हमें सीख मिलती है कि अल्लाह की आयतों की बेअदबी करने वालों से दूर रहना चाहिए, चाहे वे रिश्तेदार ही क्यों न हों। दीन की इज़्ज़त हर रिश्ते से बढ़कर है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि बुरी महफ़िल में बैठना भी गुनाह है, भले ही हम ख़ुद बुरी बात न करें। ख़ामोशी से बुराई को सुनना भी उसमें शामिल होना है।
- अगर इंसान से कोई ग़लती हो जाए और वह किसी बुरी महफ़िल में बैठ जाए, तो जैसे ही उसे एहसास हो, उसे तुरंत वहाँ से निकल जाना चाहिए। यह तौबा और सुधार की राह है।
- शैतान इंसान को भुलाने की कोशिश करता है, लेकिन अल्लाह ने अपने बंदों को याद दिलाने का ज़रिया दिया है। जब इंसान को याद आ जाए, तो उसे फ़ौरन अमल करना चाहिए।
- यह आयत मुसलमानों को पाक और साफ़ महफ़िलें इख़्तियार करने की तरबियत देती है, ताकि उनका दिल और दीन दोनों सुरक्षित रहें।
📜 आयत 66-70 — अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 68
सूरा अल-अनआम आयत 68 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ऐसे लोगों (के हिसाब किताब) का जवाब देही कुछ…सूरा आयत 68/165 — अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अनआम सुनें, अल-अनआम अनुवाद, अल-अनआम mp3, अल-अनआम pdf. आयत 66–70. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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