अल-हाक़्का · 4/52
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-हाक़्का
كَذَّبَتْ ثَمُودُ وَعَادٌ بِالْقَارِعَةِ ۝٤
Kazzabat samoodu wa `Aadum bil qaari`ah
📖 हिंदी अर्थ
(वही) खड़ खड़ाने वाली (जिस) को आद व समूद ने झुठलाया

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • ثَمُودُ (समूद): यह नबी सालिह अलैहिस्सलाम की क़ौम का नाम है।
  • عَادٌ (आद): यह नबी हूद अलैहिस्सलाम की क़ौम का नाम है।
  • الْقَارِعَةِ (अल-क़ारिआ): इसका अर्थ है क़ियामत, और इसे इसलिए "क़ारिआ" कहा गया क्योंकि यह दिलों को डर और खौफ़ से ज़ोर से टकराती है (क़रा'अ = टकराना)।

तफ़सीर:

अल्लाह तआला इस आयत में बताते हैं कि समूद और आद की क़ौमों ने क़ियामत के दिन को झुठलाया। ये दोनों क़ौमें अपने-अपने नबियों — सालिह अलैहिस्सलाम और हूद अलैहिस्सलाम — के पास आईं, लेकिन उन्होंने उस दिन की सच्चाई को नहीं माना जो दिलों को हिला देगा और हर इंसान को अपने कर्मों का हिसाब देने के लिए खड़ा कर देगा। "क़ारिआ" का नाम इसलिए रखा गया कि क़ियामत की घड़ी इतनी भयानक होगी कि वह दिलों को सहमा देगी, और हर व्यक्ति अपने किए गए अच्छे या बुरे कामों के सामने लाचार खड़ा होगा।

यह आयत हमें सिखाती है कि क़ियामत का दिन कोई मज़ाक़ या कल्पना नहीं, बल्कि एक सच्ची घटना है जो ज़रूर आएगी। समूद और आद जैसी ताक़तवर क़ौमें, जिन्होंने अपनी ताक़त और सभ्यता पर घमंड किया, आज उनके निशान भी मिट गए, लेकिन उनका झुठलाना उन्हें अल्लाह के अज़ाब से न बचा सका। हमें चाहिए कि हम इस दिन की तैयारी करें — नेक काम करें, अल्लाह की इबादत करें और उसके रसूल की सुन्नत पर चलें। यही वह रास्ता है जो हमें क़ियामत की घबराहट से सुरक्षित रखेगा और हमें जन्नत की ओर ले जाएगा। अल्लाह हमें सच्ची समझ और अमल की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 2-6 — सूरा अल-हाक़्का

2مَا الْحَاقَّةُ
और सच मुच होने वाली क्या चीज़ है
3وَمَا أَدْرَاكَ مَا الْحَاقَّةُ
और तुम्हें क्या मालूम कि वह सच मुच होने वाली क्या है
4كَذَّبَتْ ثَمُودُ وَعَادٌ بِالْقَارِعَةِ
(वही) खड़ खड़ाने वाली (जिस) को आद व समूद ने झुठलाया
5فَأَمَّا ثَمُودُ فَأُهْلِكُوا بِالطَّاغِيَةِ
ग़रज़ समूद तो चिंघाड़ से हलाक कर दिए गए
6وَأَمَّا عَادٌ فَأُهْلِكُوا بِرِيحٍ صَرْصَرٍ عَاتِيَةٍ
रहे आद तो वह बहुत शदीद तेज़ ऑंधी से हलाक कर दिए गए
अल-हाक़्काकुरान सूची
52आयत
मक्कीअवतरण स्थान
4आयत

अनुवाद — अल-हाक़्का 4

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Monday, September 28, 2026

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