अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الحَاقَّةُ (अल-हाक़्क़ा): क़ियामत का दिन, जिसका आना सत्य और निश्चित है। इसे 'हाक़्क़ा' इसलिए कहा गया क्योंकि उस दिन की घटनाएँ सत्य रूप में घटित होंगी, और हर व्यक्ति को उसके कर्मों का सत्य फल मिलेगा।
- وَمَا أَدْرَاكَ (और तुम्हें क्या पता): यह एक अभिव्यक्ति है जो किसी चीज़ की महानता और भयावहता को बयान करने के लिए आती है, यानी तुम उसकी असली हकीकत को नहीं जान सकते।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में क़ियामत के दिन की अहमियत और उसकी भयावहता को बयान करते हुए फ़रमाते हैं: "और तुम्हें क्या पता कि वह हाक़्क़ा (क़ियामत) क्या है?" यानी ऐ नबी! तुम्हें इस दिन की पूरी हकीकत, उसकी सख्ती, उसके हौल (भय) और उसकी घटनाओं का पूरा इल्म नहीं है, क्योंकि तुमने उसे देखा नहीं है। यह एक ऐसा दिन है जिसकी हैसियत और अज़मत को समझना इंसान की समझ से बाहर है। यहाँ अल्लाह ने इस दिन की अज़मत को और बढ़ा दिया है, ताकि लोग उस दिन के लिए तैयारी करें और उसके आने पर ईमान लाएँ।
यह आयत हमें बताती है कि क़ियामत का दिन इतना भयानक और अज़ीम है कि उसकी हकीकत को कोई नहीं जानता सिवाय अल्लाह के। यह दिन सत्य है, उसके आने में कोई शक नहीं। हर इंसान को उस दिन अपने अमलों का हिसाब देना होगा। इसलिए हमें चाहिए कि हम उस दिन की तैयारी करें, नेक अमल करें और अल्लाह की रहमत के तलबगार रहें। यह दिन मोमिनों के लिए खुशी का दिन होगा, जब वे अपने रब की रहमत से जन्नत में दाखिल होंगे, और गुनाहगारों के लिए अज़ाब का दिन होगा। अल्लाह हमें उस दिन के हौल से बचाए और अपनी रहमत से नवाज़े। आमीन।
📜 आयत 1-5 — अल-हाक़्का
अनुवाद — अल-हाक़्का 3
सूरा अल-हाक़्का आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और तुम्हें क्या मालूम कि वह सच मुच होने वाली…सूरा आयत 3/52 — अल-हाक़्का الحاقة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हाक़्का सुनें, अल-हाक़्का अनुवाद, अल-हाक़्का mp3, अल-हाक़्का pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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