अल-हाक़्का · 5/52
अनुवाद उच्चारण — अल-हाक़्का
فَأَمَّا ثَمُودُ فَأُهْلِكُوا بِالطَّاغِيَةِ ۝٥
Fa-ammaa Samoodu fauhlikoo bittaaghiyah
📖 हिंदी अर्थ
ग़रज़ समूद तो चिंघाड़ से हलाक कर दिए गए

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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • ثَمُود (समूद): यह नबी सालिह अलैहिस्सलाम की क़ौम का नाम है।
  • الطَّاغِيَة (अत-ताग़िया): अत्यधिक शक्तिशाली और भयानक चीख़ (सैहा) जो अपनी सीमा से बाहर निकल गई थी। कुछ मुफ़स्सिरीन के अनुसार इसका अर्थ उनका अपना सरकशी और ज़ुल्म भी है।

तफ़सीर:

अल्लाह तआला इस आयत में समूद क़ौम के अंजाम को बयान फ़रमा रहे हैं। समूद वह क़ौम थी जो पत्थरों को काटकर पहाड़ों में घर बनाती थी और अपनी ताक़त पर बहुत घमंड करती थी। उन्होंने अल्लाह के नबी सालिह अलैहिस्सलाम को झुठलाया और उनकी निशानी (ऊँटनी) को काट डाला। जब उनका ज़ुल्म और सरकशी हद से बढ़ गई, तो अल्लाह ने उन पर एक ऐसी भयानक और दहलाने वाली चीख़ भेजी जो हर सीमा से बाहर थी। यह चीख़ इतनी शिद्दत वाली थी कि उसने उनके दिलों को चीर दिया और उन्हें तबाह कर दिया। यह अज़ाब उनके कुफ़्र और नबी की नाफ़रमानी का नतीजा था।

दावती पहलू:

यह आयत हमें अल्लाह की क़ुदरत और उसके अज़ाब से डराती है। समूद क़ौम के पास दुनिया भर की ताक़त और सुविधाएँ थीं, लेकिन जब उन्होंने हक़ को झुठलाया, तो उनकी ताक़त उनके किसी काम न आई। यह हमारे लिए एक बड़ी सबक़ है कि हम अपनी ताक़त, माल या हैसियत पर घमंड न करें, बल्कि अल्लाह के हुक्मों के आगे सर झुकाएँ। अल्लाह रहम करने वाला है, लेकिन उसका अज़ाब भी बहुत सख्त है। हमें चाहिए कि हम अपने जीवन में नबियों की सीख पर अमल करें और उन लोगों के अंजाम से सबक़ लें जिन्होंने अल्लाह के दीन को झुठलाया। याद रखें, अल्लाह की रहमत उनके लिए है जो तौबा करें और सीधे रास्ते पर चलें।



📜 आयत 3-7 — अल-हाक़्का

3وَمَا أَدْرَاكَ مَا الْحَاقَّةُ
और तुम्हें क्या मालूम कि वह सच मुच होने वाली क्या है
4كَذَّبَتْ ثَمُودُ وَعَادٌ بِالْقَارِعَةِ
(वही) खड़ खड़ाने वाली (जिस) को आद व समूद ने झुठलाया
5فَأَمَّا ثَمُودُ فَأُهْلِكُوا بِالطَّاغِيَةِ
ग़रज़ समूद तो चिंघाड़ से हलाक कर दिए गए
6وَأَمَّا عَادٌ فَأُهْلِكُوا بِرِيحٍ صَرْصَرٍ عَاتِيَةٍ
रहे आद तो वह बहुत शदीद तेज़ ऑंधी से हलाक कर दिए गए
7سَخَّرَهَا عَلَيْهِمْ سَبْعَ لَيَالٍ وَثَمَانِيَةَ أَيَّامٍ حُسُومًا فَتَرَى الْقَوْمَ فِيهَا صَرْعَىٰ كَأَنَّهُمْ أَعْجَازُ نَخْلٍ خَاوِيَةٍ
ख़ुदा ने उसे सात रात और आठ दिन लगाकर उन पर चलाया तो लोगों को इस तरह ढहे (मुर्दे) पड़े देखता कि गोया वह खजूरों के खोखले तने हैं
अल-हाक़्काकुरान सूची
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अनुवाद — अल-हाक़्का 5

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Tuesday, August 18, 2026

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