Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَكَّنَّاكُمْ: हमने तुम्हें स्थान दिया, अधिकार दिया, या तुम्हें स्थापित किया।
- مَعَايِشَ: जीवन-निर्वाह के साधन, जैसे भोजन, पेय, और आजीविका के अन्य स्रोत।
- قَلِيلًا مَا تَشْكُرُونَ: तुम बहुत कम आभार व्यक्त करते हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ लोगों! हमने तुम्हें धरती में जगह दी और उसे तुम्हारे लिए ठहरने का स्थान बनाया। हमने तुम्हारे लिए उसमें जीवन-यापन के साधन पैदा किए — खाने-पीने की चीज़ें, पानी, खेती, जानवर, और दूसरी नेमतें — ताकि तुम अपनी ज़िंदगी गुज़ार सको। यह अल्लाह की बहुत बड़ी कृपा है कि उसने तुम्हें यह सब कुछ दिया, जबकि तुम इसके हक़दार नहीं थे। इसके बावजूद, तुम अल्लाह का शुक्र बहुत कम अदा करते हो। अधिकतर लोग इन नेमतों को भूल जाते हैं और उन्हें अपनी कमाई या किस्मत का नतीजा समझते हैं, जबकि असल में यह सब अल्लाह की देन है। यह आयत उन लोगों को भी याद दिलाती है जो मक्का और उसके आस-पास रहते थे कि अल्लाह ने उन्हें सुरक्षित और खुशहाल ज़िंदगी दी, और उन्हें चाहिए था कि वे उसका आभार जताएँ, लेकिन उन्होंने कृतघ्नता दिखाई।
फ़ायदे (सबक):
- अल्लाह की नेमतें गिनने से पता चलता है कि हम पर उसकी कितनी कृपा है — धरती, पानी, हवा, खाना, और जीवन के सभी साधन। यह हमें शुक्रगुज़ार बनाता है।
- शुक्र अदा करना सिर्फ़ ज़ुबान से नहीं, बल्कि अल्लाह की नेमतों को उसकी राह में इस्तेमाल करना और उसकी नाराज़गी से बचना है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि इंसान को अपनी ताक़त और साधनों पर घमंड नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह सब अल्लाह की देन है, और वही इसे छीन सकता है।
- कम शुक्र करना इंसान की कमज़ोरी है, लेकिन अल्लाह अपने बंदों पर मेहरबान है कि वह फिर भी उन्हें नेमतें देता रहता है। यह हमें अल्लाह की रहमत की तरफ़ आकर्षित करता है और उससे मुहब्बत बढ़ाता है।
- जब हम अपने आस-पास देखते हैं कि अल्लाह ने हमें कितनी सुविधाएँ दी हैं, तो हमें चाहिए कि हम उसकी इबादत में लगें और उसके दीन को अपनाएँ, ताकि हम दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब हों।
📜 आयत 8-12 — सूरा अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 10
सूरा अल-आराफ आयत 10 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ बनीआदम) हमने तो यक़ीनन तुमको ज़मीन में क़ुदरत…सूरा आयत 10/206 — सूरा अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-आराफ सुनें, सूरा अल-आराफ अनुवाद, सूरा अल-आराफ mp3, सूरा अल-आराफ pdf. आयत 8–12. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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