अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الْأَسْمَاءُ الْحُسْنَىٰ: सबसे सुंदर नाम, जो अल्लाह की पूर्णता और महानता को दर्शाते हैं।
- فَادْعُوهُ بِهَا: उन्हीं नामों के माध्यम से अल्लाह से प्रार्थना करो और उसे पुकारो।
- يُلْحِدُونَ: जो लोग अल्लाह के नामों में कुटिलता अपनाते हैं, उन्हें बदलते हैं, उनका अर्थ विकृत करते हैं, या उन्हें अल्लाह के अलावा किसी और के लिए प्रयोग करते हैं।
- سَيُجْزَوْنَ: उन्हें बदला दिया जाएगा।
व्याख्या:
अल्लाह तआला के नाम सबसे सुंदर और सर्वोच्च हैं। उसके हर नाम से उसकी महानता, पवित्रता और पूर्णता झलकती है। उसने अपने इन्हीं नामों को अपने बंदों के लिए प्रकट किया है ताकि वे उसे इन्हीं नामों से पुकारें, उससे प्रार्थना करें और उसकी स्तुति करें। जब भी कोई बंदा अल्लाह से कुछ माँगे, तो उसे उसके उपयुक्त नाम के माध्यम से माँगना चाहिए — जैसे रहमान और रहीम के नाम से दया की प्रार्थना करे, रज़्ज़ाक़ के नाम से रोज़ी माँगे, ग़फ़ूर के नाम से क्षमा माँगे। इसी तरह, अल्लाह के नामों का सही अर्थ और उद्देश्य यह है कि उन्हें केवल अल्लाह ही के लिए विशेष रखा जाए।
इसके बाद अल्लाह तआला ने उन लोगों से बचने का आदेश दिया है जो उसके नामों में कुटिलता और विकृति लाते हैं। यह कुटिलता कई रूपों में हो सकती है: कुछ लोग अल्लाह के नामों को बदल देते हैं, कुछ उनका अर्थ विकृत कर देते हैं, कुछ उन्हें झुठलाते हैं, और कुछ मुशरिकों की तरह अपने झूठे देवताओं को अल्लाह के नामों से पुकारते हैं। ये सब कुटिलता और गुमराही है। अल्लाह तआला ने स्पष्ट किया है कि ऐसे लोगों को उनके कर्मों का पूरा बदला अवश्य मिलेगा — चाहे वह दुनिया में हो या आख़िरत में। यह अल्लाह का न्याय है कि वह किसी के अच्छे या बुरे कर्म को बेइंसाफी से नहीं छोड़ता।
शिक्षाएँ और लाभ:
- अल्लाह के नामों का सही अर्थ समझना और उन्हें अपनी प्रार्थनाओं में इस्तेमाल करना ईमान की निशानी है। यह बंदे को अल्लाह के करीब लाता है और उसकी प्रार्थनाओं को स्वीकार किए जाने का माध्यम बनता है।
- अल्लाह के नामों की पवित्रता की रक्षा करना हर मुसलमान का कर्तव्य है। किसी भी नाम को विकृत करना, उसका गलत अर्थ निकालना, या उसे किसी और के लिए प्रयोग करना गंभीर पाप है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि बुराई और कुटिलता करने वालों से दूर रहना चाहिए और उनके साथ जुड़ने से बचना चाहिए, क्योंकि उनका अंजाम बुरा है।
- अल्लाह का न्याय अटल है — हर व्यक्ति को उसके कर्मों का फल मिलकर रहेगा। यह विश्वास बंदे को नेक काम करने की प्रेरणा देता है और गलत रास्तों से दूर रखता है।
- अल्लाह के सुंदर नामों को याद करना और उनके अर्थों पर चिंतन करना दिल को सुकून देता है, ईमान को मजबूत करता है और बंदे को अल्लाह की महानता का एहसास कराता है।
📜 आयत 178-182 — अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 180
सूरा अल-आराफ आयत 180 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अच्छे (अच्छे) नाम ख़ुदा ही के ख़ास हैं तो…सूरा आयत 180/206 — अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आराफ सुनें, अल-आराफ अनुवाद, अल-आराफ mp3, अल-आराफ pdf. आयत 178–182. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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