अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- صُرِفَتْ أَبْصَارُهُمْ: उनकी आँखें फेरी गईं या घुमाई गईं।
- تِلْقَاءَ: की ओर, सामने।
- أَصْحَابِ النَّارِ: आग (जहन्नम) वालों की ओर।
- لَا تَجْعَلْنَا: हमें मत बनाइए या हमें मत मिलाइए।
- الْقَوْمِ الظَّالِمِينَ: अत्याचारी/ज़ालिम लोगों के साथ।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों (अहल-ए-आराफ़) का हाल बयान कर रही है, जिनके पलड़े में नेकियाँ और बुराइयाँ बराबर होंगी और वे जन्नत और जहन्नम के बीच की दीवार (आराफ़) पर खड़े होंगे। जब उनकी निगाहें जहन्नम वालों की तरफ घुमाई जाएँगी और वे उन्हें देखेंगे, तो वे उन लोगों को पहचान लेंगे और उनके भयानक अज़ाब को देखकर सहम जाएँगे। उस वक़्त वे दुआ करते हुए कहेंगे: "ऐ हमारे रब! हमें इन ज़ालिमों के साथ मत मिलाना, हमें उनके साथ जहन्नम में मत डालना।" यानी वे उन लोगों से बराअत (बेज़ारी) का इज़हार करेंगे और अल्लाह से पनाह माँगेंगे कि उन्हें काफ़िरों और मुशरिकों के साथ अज़ाब में न डाला जाए। यह उनकी फ़ितरत की पाकीज़गी को दर्शाता है कि वे ज़ालिमों के साथ रहने से भी डरते हैं और अल्लाह से उसकी पनाह चाहते हैं।
फ़ायदे (सबक़):
- यह आयत हमें सिखाती है कि मोमिन को हमेशा अल्लाह से दुआ करनी चाहिए कि वह उसे ज़ालिमों के साथ न मिलाए, चाहे दुनिया में हो या आख़िरत में।
- ज़ालिमों (काफ़िरों, मुशरिकों और अत्याचारियों) से दिली नफ़रत और उनसे अलग रहने की कोशिश करनी चाहिए, क्योंकि उनका साथ इंसान को अल्लाह के अज़ाब में डाल सकता है।
- यह आयत हमें यह भी बताती है कि आख़िरत के दिन हर इंसान अपने अमल के हिसाब से ही पहचाना जाएगा, और नेक लोग बुरे लोगों से अलग हो जाएँगे।
- दुआ में अल्लाह से अच्छा अंजाम माँगना और उसकी रहमत की उम्मीद रखना मोमिन की सिफ़त है, क्योंकि अल्लाह ही है जो अपने बंदों को जहन्नम से बचाकर जन्नत में दाख़िल करता है।
- यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि इंसान को चाहिए कि वह अपनी ज़िंदगी में ऐसे कामों से बचे जो उसे ज़ालिमों के साथ खड़ा कर दें, और हमेशा नेकी और ईमान की राह पर चले ताकि आख़िरत में उसका हश्र नेक लोगों के साथ हो।
📜 आयत 45-49 — अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 47
सूरा अल-आराफ आयत 47 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जब उनकी निगाहें पलटकर जहन्नुमी लोगों की तरफ जा…सूरा आयत 47/206 — अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आराफ सुनें, अल-आराफ अनुवाद, अल-आराफ mp3, अल-आराफ pdf. आयत 45–49. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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