अल-मआरिज · 10/44
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मआरिज
وَلَا يَسْأَلُ حَمِيمٌ حَمِيمًا ۝١٠
Wa laa yas`alu hameemun hameemaa
📖 हिंदी अर्थ
बावजूद कि एक दूसरे को देखते होंगे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • حَمِيمٌ (हमीम): निकट का रिश्तेदार, सच्चा मित्र और वह व्यक्ति जो दिल से किसी का हितैषी हो।

तफ़सीर (व्याख्या):

उस दिन (क़ियामत के दिन) का हाल यह होगा कि कोई निकट का रिश्तेदार या सच्चा मित्र अपने दोस्त या रिश्तेदार की ख़बर तक नहीं पूछेगा। हर व्यक्ति अपनी ही फ़िक्र में इतना डूबा होगा कि उसे अपने सबसे प्यारे और करीबी लोगों की भी परवाह नहीं रहेगी। माँ अपने बच्चे को, बाप अपने बेटे को, भाई अपने भाई को और दोस्त अपने दोस्त को भूल जाएगा। इसका कारण यह होगा कि उस दिन का भय और हौल इतना सख्त होगा कि हर शख्स सिर्फ अपनी ही नजात (मुक्ति) के बारे में सोचेगा।

यह आयत हमें बताती है कि क़ियामत का दिन कितना भयानक और सख्त होगा। आज हम अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से मोहब्बत करते हैं, उनकी ख़ैरियत पूछते हैं, लेकिन उस दिन हालात इतने गंभीर होंगे कि ये सारे रिश्ते और मोहब्बतें बेकार हो जाएँगी।

इससे हमें सबक लेना चाहिए कि हम उस दिन के लिए तैयारी करें। आज हमारे पास मौका है कि हम अपने अमल (कर्मों) को सुधारें, नेकियाँ कमाएँ और अल्लाह की रहमत के हक़दार बनें। याद रखें, उस दिन कोई दोस्त किसी दोस्त के काम नहीं आएगा, न कोई रिश्तेदार किसी रिश्तेदार की मदद कर सकेगा। सिर्फ अल्लाह पर भरोसा और नेक अमल ही हमारी नजात का ज़रिया बनेंगे। अल्लाह हम सबको उस सख्त दिन के अज़ाब से बचाए और अपनी रहमत से नवाज़े। आमीन।



📜 आयत 8-12 — सूरा अल-मआरिज

8يَوْمَ تَكُونُ السَّمَاءُ كَالْمُهْلِ
जिस दिन आसमान पिघले हुए ताँबे का सा हो जाएगा
9وَتَكُونُ الْجِبَالُ كَالْعِهْنِ
और पहाड़ धुनके हुए ऊन का सा
10وَلَا يَسْأَلُ حَمِيمٌ حَمِيمًا
बावजूद कि एक दूसरे को देखते होंगे
11يُبَصَّرُونَهُمْ ۚ يَوَدُّ الْمُجْرِمُ لَوْ يَفْتَدِي مِنْ عَذَابِ يَوْمِئِذٍ بِبَنِيهِ
कोई किसी दोस्त को न पूछेगा गुनेहगार तो आरज़ू करेगा कि काश उस दिन के अज़ाब के बदले उसके बेटों
12وَصَاحِبَتِهِ وَأَخِيهِ
और उसकी बीवी और उसके भाई
अल-मआरिजकुरान सूची
44आयत
मक्कीअवतरण स्थान
10आयत

अनुवाद — अल-मआरिज 10

सूरा अल-मआरिज आयत 10 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बावजूद कि एक दूसरे को देखते होंगे

सूरा आयत 10/44 — सूरा अल-मआरिज المعارج (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मआरिज सुनें, सूरा अल-मआरिज अनुवाद, सूरा अल-मआरिज mp3, सूरा अल-मआरिज pdf. आयत 8–12. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Thursday, October 1, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए