अल-मआरिज · 9/44
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मआरिज
وَتَكُونُ الْجِبَالُ كَالْعِهْنِ ۝٩
Wa takoonul jibaalu kal`ihn
📖 हिंदी अर्थ
और पहाड़ धुनके हुए ऊन का सा

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • अल-इह्न (الْعِهْنِ): रंगीन ऊन, यानी वह ऊन जिसे विभिन्न रंगों में रंगा गया हो और फिर उसे धुनकर पतला-पतला किया गया हो।

तफ़सीर (व्याख्या):

उस भयानक दिन का दृश्य देखिए—जिस दिन का वर्णन अल्लाह तआला कर रहे हैं। उस दिन पहाड़, जो अपनी विशालता और मज़बूती के लिए जाने जाते हैं, वे रंगीन धुने हुए ऊन के समान हल्के और बिखरे हुए हो जाएँगे। जिस प्रकार ऊन को धुनने पर वह हवा में उड़ता है और उसका कोई वज़न नहीं रहता, उसी प्रकार पहाड़ उस दिन इतने हल्के हो जाएँगे कि वे हवा में बिखर जाएँगे। यह उस दिन की भयावहता और अल्लाह की क़ुदरत का प्रदर्शन है—जो आज अटल और अचल प्रतीत होते हैं, वे उस दिन बाल की तरह नाचेंगे और उड़ेंगे।

यह दृश्य हमें याद दिलाता है कि यह दुनिया की कोई चीज़ स्थायी नहीं है। जो पहाड़ हज़ारों साल से खड़े हैं, वे भी उस दिन मिट्टी के ढेर बन जाएँगे। यह अल्लाह की महानता और उसकी ताक़त का सबूत है कि वह जिस चीज़ को चाहे पलट दे। इसलिए हमें चाहिए कि हम इस दुनिया के भरोसे न रहें, बल्कि उस दिन की तैयारी करें जब सब कुछ बदल जाएगा। यह आयत हमें डराती भी है और सोचने पर मजबूर करती है—कि हम अपने जीवन को सही दिशा दें, अल्लाह की इबादत करें और उसके रास्ते पर चलें, ताकि उस दिन हम सुरक्षित रहें। क़ुरआन का यह वर्णन हमें बताता है कि अल्लाह ने हमें आगाह कर दिया है, अब समझदारी हमारे हाथ में है।



📜 आयत 7-11 — सूरा अल-मआरिज

7وَنَرَاهُ قَرِيبًا
और हमारी नज़र में नज़दीक है
8يَوْمَ تَكُونُ السَّمَاءُ كَالْمُهْلِ
जिस दिन आसमान पिघले हुए ताँबे का सा हो जाएगा
9وَتَكُونُ الْجِبَالُ كَالْعِهْنِ
और पहाड़ धुनके हुए ऊन का सा
10وَلَا يَسْأَلُ حَمِيمٌ حَمِيمًا
बावजूद कि एक दूसरे को देखते होंगे
11يُبَصَّرُونَهُمْ ۚ يَوَدُّ الْمُجْرِمُ لَوْ يَفْتَدِي مِنْ عَذَابِ يَوْمِئِذٍ بِبَنِيهِ
कोई किसी दोस्त को न पूछेगा गुनेहगार तो आरज़ू करेगा कि काश उस दिन के अज़ाब के बदले उसके बेटों
अल-मआरिजकुरान सूची
44आयत
मक्कीअवतरण स्थान
9आयत

अनुवाद — अल-मआरिज 9

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Monday, September 28, 2026

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