Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لِفُرُوجِهِمْ (लिफ़ुरूजिहिम): अपनी शर्मगाहों की।
- حَافِظُونَ (हाफ़िज़ून): रक्षा करने वाले, संरक्षित रखने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला उन मोमिन बंदों की तारीफ़ कर रहे हैं जो अपनी शर्मगाहों की रक्षा करते हैं। यानी वे अपने आप को हर उस चीज़ से बचाते हैं जो अल्लाह ने हराम किया है — चाहे वह ज़िना हो, व्यभिचार हो, या किसी भी प्रकार का अवैध यौन संबंध हो। वे अपनी निगाहों को भी नीची रखते हैं और अपने आप को पाकीज़ा रखते हैं।
यह उन लोगों की विशेषता है जो अल्लाह के करीब रहते हैं और उसकी नाराज़गी से डरते हैं। वे जानते हैं कि शर्मगाह की रक्षा करना ईमान की निशानी है, और अल्लाह ने उनके लिए केवल अपनी पत्नियों और अपनी मिल्कियत वाली (लौंडियों) को हलाल किया है। इन पर कोई गुनाह नहीं, बल्कि यह उनका हक़ है। लेकिन जो कोई इन हदों से आगे बढ़े, वही असली ज़ालिम और गुनाहगार है।
यह आयत हमें सिखाती है कि एक सच्चा मोमिन अपनी इज़्ज़त और पाकीज़गी की रक्षा करता है। वह अपनी नफ़्स को काबू में रखता है और अल्लाह की नाराज़गी से बचता है। यही वह लोग हैं जो जन्नत में इज़्ज़त के साथ रहेंगे और अल्लाह की रहमत के हक़दार होंगे।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि इस्लाम हमें पाकीज़गी और पवित्रता की तरफ बुलाता है। अल्लाह ने हमारे लिए हलाल रिश्तों को जायज़ किया है ताकि हम अपनी ज़िंदगी को सुकून और इत्मीनान से गुज़ारें। जो लोग इस हद को पार करते हैं, वे न केवल अपने आप को अल्लाह के अज़ाब में डालते हैं बल्कि अपनी ज़िंदगी को भी बर्बाद कर लेते हैं। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी निगाहों को नीची रखें, अपने दिलों को पाक रखें, और अल्लाह के बताए हुए रास्ते पर चलें। यही वह रास्ता है जो हमें जन्नत तक पहुँचाएगा और अल्लाह की रज़ा का ज़रिया बनेगा।
📜 आयत 27-31 — सूरा अल-मआरिज
अनुवाद — अल-मआरिज 29
सूरा अल-मआरिज आयत 29 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जो लोग अपनी शर्मगाहों को अपनी बीवियों और अपनी…सूरा आयत 29/44 — सूरा अल-मआरिज المعارج (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मआरिज सुनें, सूरा अल-मआरिज अनुवाद, सूरा अल-मआरिज mp3, सूरा अल-मआरिज pdf. आयत 27–31. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-मआरिज
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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