Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- رَبِّ – मेरे पालनहार
- دَعَوْتُ – मैंने बुलाया / पुकारा
- قَوْمِي – मेरी क़ौम (मेरी जाति के लोग)
- لَيْلًا وَنَهَارًا – रात और दिन (लगातार, बिना रुके)
विस्तृत तफ़सीर (व्याख्या):
हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम को इस्लाम और ईमान की ओर बुलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने अपने रब की दरगाह में यह शिकायत नहीं की, बल्कि अपनी दीवानगी और लगन को बयान किया। उन्होंने कहा: "ऐ मेरे पालनहार! मैंने अपनी क़ौम को रात और दिन, हर वक़्त, हर हालत में तेरी तरफ़ बुलाया।"
यह कोई एक-दो दिन की बात नहीं थी, बल्कि उन्होंने सैकड़ों सालों तक लगातार, बिना थके, बिना ऊबे, रात की तारीकी में भी और दिन की रोशनी में भी, चुपके से भी और खुले तौर पर भी, अपनी क़ौम को तौहीद (एकेश्वरवाद) और अल्लाह की इबादत की ओर बुलाया। उनका उद्देश्य सिर्फ़ यह था कि उनकी क़ौम अल्लाह की रहमत और मग़फिरत (क्षमा) हासिल कर ले, क्योंकि अल्लाह तआला बहुत क्षमाशील है, जो कोई उसकी तरफ़ रुजू करता है, वह उसके गुनाह माफ़ कर देता है।
हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) की यह दुआ हमें सिखाती है कि दावत-ए-दीन (धर्म की ओर बुलाने) का काम कभी निराशा और थकान से नहीं करना चाहिए। चाहे लोग मुँह मोड़ लें, चाहे वे सुनने से इनकार कर दें, हमें अपना फ़र्ज़ (कर्तव्य) निभाते रहना चाहिए। अल्लाह के नबी ने अपनी क़ौम के लिए जो मुहब्बत और हमदर्दी दिखाई, वह हमारे लिए मिसाल है कि हम भी अपने समाज के लोगों को भलाई की ओर बुलाते रहें, चाहे उनका रवैया कैसा भी हो।
यह आयत हमें यह भी बताती है कि दुआ में अपनी मेहनत और कोशिश को अल्लाह के सामने पेश करना चाहिए, और अल्लाह से मदद माँगनी चाहिए। हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) ने अपनी दुआ में यह नहीं कहा कि "मैंने कोशिश की और कामयाब नहीं हुआ", बल्कि उन्होंने अपनी कोशिश को अल्लाह के सामने रखा और उसकी रहमत की उम्मीद की। यही एक मोमिन का तरीक़ा है – वह अमल करता है, दुआ करता है, और अल्लाह पर भरोसा रखता है।
📜 आयत 3-7 — सूरा नूह
अनुवाद — नूह 5
सूरा नूह आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (जब लोगों ने न माना तो) अर्ज़ की परवरदिगार मैं…सूरा आयत 5/28 — सूरा नूह نوح (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा नूह सुनें, सूरा नूह अनुवाद, सूरा नूह mp3, सूरा नूह pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा नूह
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


