अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَغْفِرْ لَكُم مِّن ذُنُوبِكُمْ: वह तुम्हारे गुनाहों को माफ कर देगा।
- وَيُؤَخِّرْكُمْ: और वह तुम्हें टाल देगा (यानी तुम्हारी उम्र बढ़ा देगा)।
- إِلَىٰ أَجَلٍ مُّسَمًّى: एक निश्चित समय तक (जो अल्लाह के इल्म में मुक़र्रर है)।
- أَجَلُ اللَّهِ: अल्लाह का फैसला (यानी अज़ाब या मौत का वक़्त)।
- لَا يُؤَخَّرُ: उसे टाला नहीं जा सकता।
तफ़सीर (व्याख्या):
नूह (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम को दावत दी और उन्हें साफ़-साफ़ बता दिया कि अगर वे अल्लाह की इबादत करें, उसका क़हर डरें और नबी की इताअत करें, तो अल्लाह उनके गुनाह माफ कर देगा। यहाँ "मिन ज़ुनूबिकुम" का मतलब है कि अल्लाह उन गुनाहों को माफ करेगा जो उसके हुकूक (अधिकारों) से जुड़े हैं, जबकि बंदों के हुकूक अलग मामला है। साथ ही, वह उन्हें एक मुक़र्रर वक़्त तक ज़िंदगी में मोहलत देगा, यानी उनकी उम्र बढ़ाएगा और उन्हें अज़ाब से महफूज़ रखेगा, बशर्ते वे ईमान और तौबा पर क़ायम रहें।
फिर अल्लाह तआला ने एक अहम हक़ीक़त बयान की: जब अल्लाह का फैसला आ जाता है—चाहे वह मौत हो या अज़ाब—तो उसे कोई टाल नहीं सकता। इसलिए इंसान को चाहिए कि जब तक मोहलत मिली है, उसका फायदा उठाए और ईमान व अच्छे आमाल की तरफ दौड़े। अगर उन्हें यह इल्म होता कि अल्लाह का अज़ाब आने के बाद कोई मौका नहीं मिलता, तो वे ज़रूर ईमान ले आते और अपनी गलतियों से तौबा कर लेते।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह रहीम और करीम है—वह अपने बंदों को माफी का दरवाजा खुला रखता है और उन्हें मोहलत देता है ताकि वे सुधर जाएँ। यह अल्लाह की बड़ी मेहरबानी है कि उसने हमें ज़िंदगी दी है, और हर सुबह-शाम हमारे पास तौबा का मौका है। हमें चाहिए कि इस मोहलत को ग़नीमत समझें, अपने गुनाहों से तौबा करें, और अल्लाह की इबादत और उसके रसूल की इताअत को अपनी ज़िंदगी का निज़ाम बनाएँ। याद रखें, मौत का वक़्त तय है और उसे टाला नहीं जा सकता—इसलिए आज ही लौट आएँ, क्योंकि कल का भरोसा नहीं। अल्लाह की रहमत उन लोगों के लिए है जो उसकी तरफ दौड़ते हैं, और वह कभी निराश नहीं करता।
📜 आयत 2-6 — नूह
अनुवाद — नूह 4
सूरा नूह आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ख़ुदा तुम्हारे गुनाह बख्श देगा और तुम्हें (मौत के) मुक़र्रर…सूरा आयत 4/28 — नूह نوح (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: नूह सुनें, नूह अनुवाद, नूह mp3, नूह pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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