अन-नबा · 30/40
अनुवाद उच्चारण — सूरा अन-नबा
فَذُوقُوا فَلَن نَّزِيدَكُمْ إِلَّا عَذَابًا ۝٣٠
Fa zooqoo falan-nazee dakum ill-laa azaaba
📖 हिंदी अर्थ
तो अब तुम मज़ा चखो हमतो तुम पर अज़ाब ही बढ़ाते जाएँगे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • فَذُوقُوا (तो चखो) – यानी अपने कर्मों का परिणाम चखो।
  • فَلَن نَّزِيدَكُمْ (हम तुम्हें कभी नहीं बढ़ाएँगे) – यानी हम तुम्हारे लिए किसी भलाई में वृद्धि नहीं करेंगे।
  • إِلَّا عَذَابًا (सिवाय अज़ाब के) – यानी तुम्हें केवल और केवल यातना ही मिलती रहेगी।

तफसीर (व्याख्या):

यह आयत उन अभिमानी और सत्य से मुँह मोड़ने वालों के लिए है, जिन्होंने आख़िरत के दिन को झुठलाया और अपने कर्मों में कोई सुधार नहीं किया। जब वे जहन्नम में डाले जाएँगे, तो उनसे कहा जाएगा: "अब चखो अपने किए का मज़ा! हम तुम्हें कभी कोई राहत या आराम नहीं देंगे, बल्कि तुम्हारी यातना को और बढ़ाते जाएँगे।" यह उनके लिए सबसे बड़ी सज़ा है कि उनकी पीड़ा कभी कम नहीं होगी, बल्कि हर पल बढ़ती रहेगी।

यह आयत हमें चेतावनी देती है कि जो लोग दुनिया में अल्लाह के हुक्मों को भूलकर अपनी मनमानी करते हैं, वे आख़िरत में इससे भी बदतर स्थिति में होंगे। अल्लाह ने अपने बंदों पर बड़ी रहमत की है कि उन्हें दुनिया में मौका दिया है तौबा करने का, अपने कर्म सुधारने का। इसलिए हमें चाहिए कि इस जीवन को गंभीरता से लें, अल्लाह की इबादत करें और उसके रसूल ﷺ की सुन्नत पर चलें, ताकि उस दिन हम इस भयानक अज़ाब से बच सकें। याद रखिए, अल्लाह की रहमत उसके अज़ाब से कहीं अधिक व्यापक है, और वह अपने तौबा करने वाले बंदों को बहुत प्यार करता है। आइए, हम अपने जीवन को इस तरह बनाएँ कि हम उस दिन की भयावहता से محفوظ रहें और जन्नत की नेमतों के हक़दार बनें।



📜 आयत 28-32 — सूरा अन-नबा

28وَكَذَّبُوا بِآيَاتِنَا كِذَّابًا
और इन लोगो हमारी आयतों को बुरी तरह झुठलाया
29وَكُلَّ شَيْءٍ أَحْصَيْنَاهُ كِتَابًا
और हमने हर चीज़ को लिख कर मनज़बत कर रखा है
30فَذُوقُوا فَلَن نَّزِيدَكُمْ إِلَّا عَذَابًا
तो अब तुम मज़ा चखो हमतो तुम पर अज़ाब ही बढ़ाते जाएँगे
31إِنَّ لِلْمُتَّقِينَ مَفَازًا
बेशक परहेज़गारों के लिए बड़ी कामयाबी है
32حَدَائِقَ وَأَعْنَابًا
(यानि बेहश्त के) बाग़ और अंगूर
अन-नबाकुरान सूची
40आयत
मक्कीअवतरण स्थान
30आयत

अनुवाद — अन-नबा 30

सूरा अन-नबा आयत 30 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो अब तुम मज़ा चखो हमतो तुम पर अज़ाब ही…

सूरा आयत 30/40 — सूरा अन-नबा النبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नबा सुनें, सूरा अन-नबा अनुवाद, सूरा अन-नबा mp3, सूरा अन-नबा pdf. आयत 28–32. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Saturday, October 3, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए