अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- زَجْرَةٌ: एक ही बार की कठोर पुकार या चीख़, जो डराने के लिए होती है। यहाँ इसका अर्थ सूर (नरसिंगा) में फूँक मारने की आवाज़ है।
- وَاحِدَةٌ: केवल एक बार, जिसे दोहराया नहीं जाएगा।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत क़ियामत (प्रलय) के दिन के उस अद्भुत और हैरतअंगेज़ दृश्य की ओर इशारा करती है जब अल्लाह तआला अपनी क़ुदरत (शक्ति) से सभी मृतकों को ज़िंदा करेगा। अल्लाह फ़रमाता है कि यह बात जितनी कठिन या दूर की लगती है, वास्तव में अल्लाह के लिए बेहद आसान है। बस एक ही बार कठोर पुकार होगी—एक ही झटके में सारी क़ब्रें फट जाएँगी और सभी लोग ज़मीन की सतह पर ज़िंदा होकर खड़े हो जाएँगे। यह पुकार इतनी भयानक और प्रभावशाली होगी कि उसे दोहराने की ज़रूरत ही नहीं पड़ेगी; हर कोई उसे सुनते ही अपनी क़ब्र से उठ खड़ा होगा।
यह वही "रादिफ़ा" (दूसरी फूँक) है जिसका ज़िक्र पिछली आयतों में हुआ था—पहली फूँक से सब कुछ तबाह हो जाएगा, और दूसरी फूँक से सब कुछ फिर से ज़िंदा हो जाएगा। अल्लाह की क़ुदरत के आगे मौत और ज़िंदगी, दोनों एक पल का काम हैं। जिस तरह उसने पहली बार पैदा किया, उसी तरह दोबारा पैदा करना उसके लिए और भी आसान है।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
यह आयत हमें अल्लाह की असीम शक्ति पर यक़ीन करना सिखाती है। इंसान कभी-कभी सोचता है कि मौत के बाद दोबारा ज़िंदगी कैसे मुमकिन होगी, जब हड्डियाँ तक मिट्टी में मिल जाएँगी? अल्लाह जवाब देता है कि उसके लिए सब कुछ आसान है—बस एक पुकार, और सब कुछ बदल जाएगा। यह हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि हम अपनी ज़िंदगी को ग़लत रास्ते पर बर्बाद न करें। जिस दिन यह पुकार होगी, हर इंसान अपने अच्छे और बुरे कर्मों का हिसाब देने के लिए खड़ा होगा। इसलिए आज ही अपने जीवन को सुधारें, अल्लाह की इबादत करें और उसके दिए हुए आदेशों पर चलें, ताकि उस दिन हम उन लोगों में से हों जो खुशी और सफलता पाएँ। अल्लाह की रहमत और क़ुदरत पर भरोसा रखें—वही सबसे बड़ा सहारा है।
📜 आयत 11-15 — सूरा अन-नाज़ियात
अनुवाद — अन-नाज़ियात 13
सूरा अन-नाज़ियात आयत 13 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह (क़यामत) तो (गोया) बस एक सख्त चीख़ होगीसूरा आयत 13/46 — सूरा अन-नाज़ियात النازعات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नाज़ियात सुनें, सूरा अन-नाज़ियात अनुवाद, सूरा अन-नाज़ियात mp3, सूरा अन-नाज़ियात pdf. आयत 11–15. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 8, 2026
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