अनुवाद — Tafsir
कठिन शब्दों के अर्थ:
- لِيُعَذِّبَهُمْ: उन्हें यातना दे
- وَأَنتَ فِيهِمْ: जबकि आप (ऐ नबी) उनके बीच में हों
- يَسْتَغْفِرُونَ: क्षमा माँगते हों
व्याख्या:
अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को सांत्वना देते हुए बताता है कि उसने इन मक्का के मुशरिकों को उनके कुफ्र और ज़ुल्म के बावजूद उस विनाशकारी यातना से क्यों नहीं पकड़ा जो पिछली उम्मतों पर आई थी। इसका पहला कारण यह है कि आप ﷺ उनके बीच मौजूद हैं। जब तक आप उनके बीच हैं, अल्लाह उन्हें ऐसी सामूहिक यातना नहीं देगा जो सबको नष्ट कर दे, क्योंकि आपकी मौजूदगी उनके लिए रहमत और अमान (सुरक्षा) है। दूसरा कारण यह है कि उनमें से कुछ लोग ऐसे हैं जो अपने गुनाहों से तौबा करके अल्लाह से माफ़ी माँगते हैं, और यह इस्तिग़फ़ार (क्षमा की प्रार्थना) उनसे अज़ाब को टालने का ज़रिया बन जाता है। यानी अल्लाह की रहमत उन्हें इसलिए भी ढक रही है कि उनके बीच इस्तिग़फ़ार करने वाले लोग मौजूद हैं।
फ़ायदे और सबक:
- नबी ﷺ की मौजूदगी उम्मत के लिए अल्लाह की ओर से सबसे बड़ी रहमत और अमान है। यह हमें सिखाता है कि अल्लाह के नेक बंदों की मौजूदगी किसी समाज पर अल्लाह की यातना को टाल सकती है।
- इस्तिग़फ़ार (क्षमा माँगना) एक ऐसा हथियार है जो अल्लाह की यातना को रोक देता है। जब तक लोग सच्चे दिल से अल्लाह से माफ़ी माँगते हैं, अल्लाह उन पर रहमत बरसाता है और उन्हें आफ़तों से बचाता है।
- यह आयत हमें तौबा और इस्तिग़फ़ार की आदत डालने की तरग़ीब देती है। हमें चाहिए कि अपने गुनाहों पर शर्मिंदा हों और बार-बार अल्लाह से माफ़ी माँगें, क्योंकि यही वह रस्सी है जो हमें अल्लाह की पकड़ से बचाती है।
- अल्लाह की रहमत उसके ग़ज़ब से पहले आती है। वह जल्दी सज़ा देने वाला नहीं, बल्कि मौका देने वाला और माफ़ करने वाला है। यह हमें अल्लाह की रहमत से निराश न होने की शिक्षा देता है।
📜 आयत 31-35 — अल-अनफाल
अनुवाद — अल-अनफाल 33
सूरा अल-अनफाल आयत 33 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : हालॉकि जब तक तुम उनके दरमियान मौजूद हो ख़ुदा उन…सूरा आयत 33/75 — अल-अनफाल الأنفال (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अनफाल सुनें, अल-अनफाल अनुवाद, अल-अनफाल mp3, अल-अनफाल pdf. आयत 31–35. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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