अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- عَاهَدتَّ: आपने उनसे संधि/समझौता किया।
- يَنقُضُونَ: वे तोड़ते हैं।
- عَهْدَهُمْ: अपनी प्रतिज्ञा/वचन।
- لَا يَتَّقُونَ: वे अल्लाह से डरते नहीं।
तफ़सीर (व्याख्या):
ये आयत उन लोगों (यहूदियों) के बारे में है, जिनसे आपने (ऐ नबी!) संधि और समझौता किया था, जैसे बनी क़ुरैज़ा और कअब इब्न अशरफ़ और उनके साथी। उन्होंने आपसे वचन लिया था कि वे आपके विरुद्ध किसी की सहायता नहीं करेंगे और न ही आपसे युद्ध करेंगे। लेकिन वे हर बार अपनी प्रतिज्ञा को तोड़ते रहे—जब भी उन्होंने कोई वचन दिया, उसे भंग कर दिया। उन्होंने मक्का के मुशरिकों को हथियार और सहायता प्रदान की, ताकि वे आपसे युद्ध कर सकें। वे अल्लाह से बिल्कुल नहीं डरते, न अपनी प्रतिज्ञा पूरी करने का ख़याल रखते हैं और न ही अल्लाह की पकड़ से सावधान रहते हैं। यह उनकी आदत थी कि वे हर समझौते को तोड़ देते थे, क्योंकि उनके दिलों में ईमान और अल्लाह का भय नहीं था।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- इस आयत से हमें सीख मिलती है कि वचन और समझौते को पूरा करना इस्लाम का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है। एक मुसलमान को चाहिए कि वह अपने वादों को पूरा करे, चाहे सामने वाला कोई भी हो।
- यह आयत उन लोगों के धोखे से सावधान रहने की शिक्षा देती है जो बार-बार वचन तोड़ते हैं। हमें चाहिए कि ऐसे लोगों से निपटने में सतर्कता बरतें।
- अल्लाह का भय (तक़वा) ही वह चीज़ है जो इंसान को बुरे कामों से रोकती है। जिसके दिल में अल्लाह का डर नहीं, वह किसी भी गुनाह को करने से नहीं झिझकता।
- यह आयत हमें सिखाती है कि इस्लाम में अमानतदारी और ईमानदारी बहुत बड़ी नेमत है। जो लोग इन गुणों से वंचित हैं, वे समाज के लिए खतरा हैं।
- मुसलमान को चाहिए कि वह अपने अल्लाह से डरने वाला और अपने वादों का पक्का हो, ताकि उसका जीवन दूसरों के लिए नमूना बन सके और लोग इस्लाम की सच्चाई को समझ सकें।
📜 आयत 54-58 — सूरा अल-अनफाल
अनुवाद — अल-अनफाल 56
सूरा अल-अनफाल आयत 56 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ रसूल जिन लोगों से तुम ने एहद व पैमान…सूरा आयत 56/75 — सूरा अल-अनफाल الأنفال (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अनफाल सुनें, सूरा अल-अनफाल अनुवाद, सूरा अल-अनफाल mp3, सूरा अल-अनफाल pdf. आयत 54–58. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, September 8, 2026
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