अबस · 11/42
अनुवाद उच्चारण — सूरा अबस
كَلَّا إِنَّهَا تَذْكِرَةٌ ۝١١
Kalla innaha tazkirah
📖 हिंदी अर्थ
देखो ये (क़ुरान) तो सरासर नसीहत है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • كَلَّا: हरगिज़ नहीं, ऐसा नहीं होना चाहिए (रोकने और डाँटने के लिए)।
  • إِنَّهَا: बेशक यह (यानी ये आयतें या यह सूरत)।
  • تَذْكِرَةٌ: नसीहत, याद दिलाने वाली चीज़, वाज़ (उपदेश)।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को नर्मी से लेकिन पुख्ता अंदाज़ में समझाते हैं कि "कल्ला" — हरगिज़ नहीं! यानी जो तरीक़ा आपने उस अंधे व्यक्ति (अब्दुल्लाह इब्न उम्मी मकतूम) के साथ अपनाया, जो आपके पास हिदायत की प्यास लेकर आया था और आप उस समय क़ुरैश के बड़े सरदारों की हिदायत की चिंता में मशग़ूल थे, यह तरीक़ा दुरुस्त नहीं था। अल्लाह फ़रमा रहे हैं: "यक़ीनन यह (क़ुरआन की आयतें) एक बड़ी नसीहत और याद दहानी है।"

यानी इस क़ुरआन का मक़सद सिर्फ़ और सिर्फ़ लोगों को नसीहत देना और उन्हें अल्लाह की याद दिलाना है। यह कोई किताब-ए-तफ़रीह (मनोरंजन) नहीं, कोई शायरी नहीं, कोई जादू नहीं, बल्कि यह तो सीधे दिलों पर चोट करने वाली नसीहत है। जो कोई इसे सुनकर सीना खोलेगा, उसके दिल में रौशनी पैदा होगी।

इस आयत में अल्लाह तआला ने यह भी सिखाया कि हिदायत देने में किसी को छोटा न समझो। जो दीन की तरफ़ दौड़ा चला आ रहा है, वही अल्लाह के यहाँ बड़ा है, चाहे वह अंधा हो, ग़रीब हो या कमज़ोर हो। और जो दुनिया के बड़े लोगों की चिंता में दीन के तलबगारों से आँख चुराए, वह अल्लाह की नज़र में कामयाब नहीं।

यह आयत हम सबके लिए भी एक तरबियती पैग़ाम है कि हमें क़ुरआन को सिर्फ़ पढ़ने की चीज़ नहीं समझना चाहिए, बल्कि इसे अपने दिल की ज़िंदगी का ज़रिया बनाना चाहिए। यह किताब हर उस शख्स के लिए नसीहत है जो चाहता है कि उसकी ज़िंदगी सही राह पर चले। अल्लाह ने इस नसीहत को आसान कर दिया है, और जो इसे पकड़ ले, वह कभी गुमराह नहीं हो सकता।

तो प्यारे भाईयों और बहनों! आओ, हम इस नसीहत को अपने दिलों में उतारें, अपनी ज़िंदगी को क़ुरआन के नुस्ख़े पर ढालें, और उस दिन की तैयारी करें जब यही क़ुरआन हमारे लिए सिफ़ारिशी या गवाह बनेगा। यह वही किताब है जिसे पढ़कर हमारे प्यारे नबी ﷺ ने अंधेरे से रौशनी की तरफ़ निकाला, और यही आज हमारे लिए भी रहनुमा है।



📜 आयत 9-13 — सूरा अबस

9وَهُوَ يَخْشَىٰ
और (ख़ुदा से) डरता है
10فَأَنتَ عَنْهُ تَلَهَّىٰ
तो तुम उससे बेरूख़ी करते हो
11كَلَّا إِنَّهَا تَذْكِرَةٌ
देखो ये (क़ुरान) तो सरासर नसीहत है
12فَمَن شَاءَ ذَكَرَهُ
तो जो चाहे इसे याद रखे
13فِي صُحُفٍ مُّكَرَّمَةٍ
(लौहे महफूज़ के) बहुत मोअज़ज़िज औराक़ में (लिखा हुआ) है
अबसकुरान सूची
42आयत
मक्कीअवतरण स्थान
11आयत

अनुवाद — अबस 11

सूरा अबस आयत 11 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : देखो ये (क़ुरान) तो सरासर नसीहत है

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Thursday, October 1, 2026

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