अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَمَنْ شَاءَ: जो कोई चाहे
- ذَكَرَهُ: उसे याद करे (अर्थात् क़ुरआन से नसीहत हासिल करे)
व्याख्या:
इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यह क़ुरआन एक नसीहत और सीख है, जो हर उस व्यक्ति के लिए खुला रास्ता है जो इसे अपनाना चाहे। जो कोई भी अपनी भलाई चाहता है, वह इस किताब को पढ़े, समझे और उस पर अमल करे। यह क़ुरआन ऐसे पवित्र सहीफों (पन्नों) में लिखा गया है जो बुलंद दर्जे वाले हैं, हर प्रकार की मिलावट और कमी-ज़्यादती से पाक हैं। इन्हें उन फ़रिश्तों के हाथों में सौंपा गया है जो लिखने वाले, अल्लाह और उसके बंदों के बीच संदेश पहुँचाने वाले, बड़े सम्मानित और पवित्र चरित्र वाले हैं।
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह ने हिदायत का दरवाज़ा हर उस इंसान के लिए खुला रखा है जो सच्चे दिल से उसे तलाश करे। क़ुरआन कोई ऐसी चीज़ नहीं जो सिर्फ़ किसी ख़ास गिरोह के लिए हो, बल्कि यह पूरी इंसानियत के लिए रहनुमा किताब है। जो भी इसे पढ़ेगा, समझेगा और उस पर अमल करेगा, वह दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब होगा।
प्यारे भाइयो और बहनो! यह अल्लाह की बड़ी मेहरबानी है कि उसने हमें यह क़ुरआन दिया, जो हर ज़रूरत का हल, हर मुश्किल का रास्ता और हर दिल की दवा है। आइए हम इस नेमत की क़द्र करें, इसे पढ़ें, समझें और अपनी ज़िंदगी में लागू करें। यही हमारी सच्ची कामयाबी का ज़रिया है। अल्लाह हम सबको अमल की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 10-14 — अबस
अनुवाद — अबस 12
सूरा अबस आयत 12 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो जो चाहे इसे याद रखेसूरा आयत 12/42 — अबस عبس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अबस सुनें, अबस अनुवाद, अबस mp3, अबस pdf. आयत 10–14. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








